राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) की बैठक लेते हुए डीएम ज्योति नीरज खैरवाल ने 16 दिसंबर तक जनगणना का काम अनिवार्य रूप से पूरा करने को कहा है। कहा कि जिन शिक्षकों और कर्मचारियों की डियूटी जनगणना के काम में लगाई गई है। यदि वे उपस्थित नहीं होते हैं, तो उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के तहत जनपद में कुल 1521 एनपीआर ब्लॉक बनाए गए हैं। इन ब्लाकों की जनगणना की जिम्मेदारी सभी एसडीएम, पालिका और नगर पंचायतों को दी गई है। बैठक में सीडीओ डा. अहमद इकबाल, डीडीओ पीके पांडेय, डिप्टी सीएमओ डा. अजय कुमार आदि उपस्थित थे।
इधर, प्राथमिक शिक्षक संघ ने स्कूल से बिना कार्यमुक्त के राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। डीएम को दिए ज्ञापन में शिक्षकों ने कहा कि सीडीओ और मुख्य शिक्षा अधिकारी की ओर से प्रेषित आदेश में कहा गया है कि शिक्षक सर्वे का काम स्कूल खुलने से पूर्व या बंद के बाद करेंगे। या फिर अवकाश के दिनों में शिक्षकों को यह कार्य करना होगा।
शिक्षकों का कहना है कि स्कूल खुलने और बंद होने के बाद पर्वतीय क्षेत्र की विषम भौगोलिक परिस्थितियों में यह काम करना संभव नहीं है। शिक्षकों ने कहा कि इस काम के लिए उन्हें स्कूल से कार्यमुक्त किया जाना चाहिए।
ज्ञापन पर सुनील डबराल, गोपाल कृष्ण उनियाल, राजेंद्र सिंह, विजय सिंह, शैलेंद्र उनियाल, ज्ञानानंद जोशी, हरीश कुमार, विमला नेगी व नर्वदा कौशल आदि के हस्ताक्षर हैं।
उधर, मुख्य शिक्षा अधिकारी दिनेश चंद्र गौड़ ने कहा कि जिन शिक्षकों की जनगणना में डियूटी लगाई गई है। वे डियूटी नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ एफआरआई दर्ज कराई जाएगी।