जिलाधिकारी ने पर्यावरण संरक्षण, ईंधन की बचत और चक्का जाम जैसी समस्या से निपटने के लिए छह अप्रैल को प्रत्येक शनिवार को कार फ्री-डे मनाने की घोषणा की थी। अधिकारी-कर्मचारियों को इसका पालन करने के निर्देश जारी किए गए, लेकिन 16 अप्रैल के पहले शनिवार को इसका कोई असर नहीं दिखा। डीएम खुद ही सरकारी कार से दफ्तर पहुंची।
प्रदूषण से बचने, ईंधन की बचत और जाम की समस्या से निपटने के लिए डीएम ज्योति नीरज खैरवाल ने बुधवार छह अप्रैल को प्रत्येक शनिवार को कार्यालय दिवस के दौरान कार फ्री-डे मनाने के निर्देश जारी किए थे। सभी अधिकारी-कर्मचारियों को सरकारी और निजी वाहनों का प्रयोग नहीं करने को कहा था।
बाहर से जिला मुख्यालय आने वाले अधिकारियों को भी वाहन दूर खड़ा कर पैदल मुख्यालय पहुंचने को कहा गया था। आदेश जारी करने की तिथि से नौ अप्रैल को द्वितीय शनिवार की छुट्टी होने के कारण 16 अप्रैल को पहले शनिवार के दिन कार फ्री-डे का कोई असर नहीं दिखा।
डीएम खुद कार से कार्यालय पहुुंची, जबकि अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों पर भी इसका कोई असर नहीं देखा गया, सभी अधिकारी कार से ही दफ्तर पहुंचे। इस बाबत डीएम ने कहा कि शनिवार का ध्यान नहीं रहा, जिससे कार से दफ्तर पहुंची। कई लोग पैदल ही पहुंचे। धीरे-धीरे सभी को एक-दूसरे को देखकर आदत पड़ेगी। लोगों से स्वास्थ्य के लिहाज से भी पैदल चलने की अपील की गई थी।