जिलाधिकारी और चिकित्सा सेवा संघ के बीच उपजे विवाद की आंच शासन तक पहुंच गई है। मामले का संज्ञान लेते हुए डीजी हेल्थ ने दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर रिपोर्ट मांगी है। विरोध स्वरूप जिलेभर के चिकित्सकों ने बृहस्पतिवार को बांह में काली पट्टी बांधकर कार्य किया। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ से मिलने गए पदाधिकारियों ने कहा कि मामले को लेकर जल्द ही सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो बेमियादी आंदोलन शुरू किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने बुधवार को जिला सभागार में आशा डायरी के निरीक्षण को बैठक बुलाई थी। चिकित्सा सेवा संघ ने डीएम पर बैठक में सीएमओ, डिप्टी सीएमओ और चिकित्साधिकारियों के साथ अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाते हुए आंदोलन शुरू कर दिया था। मामले को लेकर डीजी हेल्थ डा. आरपी भट्ट ने स्वास्थ्य निदेशक और अपर निदेशक को जांच सौंपी है। उन्होंने बताया कि जांच अधिकारी सीएमओ, डिप्टी सीएमओ और चिकित्साधिकारियों से पूछताछ कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। उसके बाद जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। संघ के जिलाध्यक्ष डा. अशोक कुमार ने कहा कि बुधवार को ही हड़ताल पर जाने का निर्णय ले लिया गया था, लेकिन जनहित और डीजी हेल्थ से मिले आश्वासन के बाद अब वे तीन दिन तक काली पट्टी बांधकर ही विरोध जताएंगे। इस बीच, देहरादून पहुंचे चिकित्सा सेवा संघ के डा. एके श्रीवास्तव और डा. श्याम विजय ने डीएम के साथ हुए विवाद को प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के सम्मुख रखते हुए कहा कि तीन दिन में कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जाती है, तो बेमियादी आंदोलन शुरू किया जाएगा।