समय पर राशन वितरण नहीं होने, आधार कार्ड लिंक करने में शिथिलता बरतने समेत अन्य शिकायतों पर जिलाधिकारी इंदुधर बौड़ाई ने प्रभारी जिला पूर्ति अधिकारी किशन सिंह भंडारी से चार्ज वापस लेकर एसडीएम धनोल्टी को प्रभारी डीएसओ बनाया है। डीएम ने कहा कि सरकारी काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कहा कि कार्यों के प्रति लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी किशन सिंह भंडारी को जुलाई में प्रभारी जिला पूर्ति अधिकारी बनाया था। तब भी डीएसओ बनाए जाने को लेकर सवाल खड़े हो रहे थे। चूंकि विभाग में कई सीनियर अधिकारी थे, लेकिन जूनियर अधिकारी को शासन ने डीएसओ का चार्ज दिया था। ग्रामीण क्षेत्रों में समय पर राशन न पहुंचना, आधार लिंक करवाने में लापरवाही समेत कर्मचारी भी डीएसओ के कार्य प्रणाली से नाखुश थे।
जिसकी समय-समय पर डीएम को शिकायत मिल रही थी। जबकि टिहरी के नवनिर्वाचित विधायक के पास भी डीएसओ की शिकायत पहुंची थी। शनिवार को डीएम ने डीएसओ भंडारी से चार्ज वापस लेते हुए धनोल्टी के एसडीएम देवेंद्र सिंह नेगी को जिला पूर्ति अधिकारी का चार्ज सौंपा है।
डीएम इंदुधर बौड़ाई ने बताया कि समय पर राशन वितरण से लेकर अन्य शिकायतें और सीनियर अधिकारियों को नजर अंदाज कर जूनियर अधिकारी डीएसओ का चार्ज सौंपा गया था, जिसे देखते हुए प्रभारी डीएसओ से चार्ज वापस लिया गया है। बताया कि एसडीएम धनोल्टी को डीएसओ का चार्ज सौंपा गया है, जबकि केएस भंडारी को पूर्व तैनाती स्थल घनसाली भेजा गया है।