जल संस्थान की लापरवाही लोगों पर भारी पड़ रही है। पिछले एक सप्ताह से पेयजल की नियमित आपूर्ति नहीं हो पा रही है। बृहस्पतिवार को पूरे लंबगांव क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति ठप रही। दिन भर लोग पानी के लिए दर-दर भटकते रहे। दो किमी दूर बौसाड़ी गांव से महिलाएं और बच्चे पानी ढोने में जुटे रहे।
पांच हजार जनसंख्या वाले लंबगांव बाजार में जल संस्थान हुलडियाणी स्रोत से पेयजल की आपूर्ति करता है। पिछले एक सप्ताह से पेयजल की किल्लत शुरू हो गई थी, जो बृहस्पतिवार को पूरी तरह से ठप हो गई। बीते जुलाई में आपदा से हुलडियाणी पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी।
तब वैकल्पिक व्यवस्था के तहत जल संस्थान ने हुलडियाणी गांव के लोगों की अनुमति के बिना ही खेतों से पाइप लाइन जोड़कर वैकल्पिक रूप से पेयजल की आपूर्ति शुरू कर दी थी। तब से नगर क्षेत्र में वैकल्पिक रूप से ही पेयजल की आपूर्ति होती रही थी।
इन दिनों हुलडियाणी गांव के लोगों ने रोपाई के लिए खेतों में धान की क्यारियां तैयार की जा रहा है, जिससे पाइप लाइन जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। पानी खेतों में बेकार बह रहा है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य देवी सिंह पंवार ने इस अव्यवस्था के लिए जल संस्थान को जिम्मेदार बताया है। कहा कि जल संस्थान उपभोक्ताओं से तीन-चार दिन पहले ही मार्च का बिल वसूल कर चुका है, लेकिन पानी आपूर्ति करने में विभागीय अधिकारी नाकाम साबित हो रहे हैं।
नई पाइप लाइन बिछाने के लिए बजट का अभाव बना हुआ है। क्षतिग्रस्त पाइप लाइन का जल्द मरम्मत कर पेयजल की आपूर्ति बहाल की जाएगी।
-राज किशोर पोखरियाल, जेई, जल संस्थान लंबगांव