अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लंबगांव से बर्खास्त की गई एएनएम और स्टाप नर्स ने डीएम से न्याय की गुहार लगाई है। सेवाएं समाप्त करने की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
बता दें कि 15 अप्रैल को पडिया गांव की एक गर्भवती महिला को परिजन प्रसव कराने के लिए अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लंबगांव ले गए थे, लेकिन अस्पताल में ताला लटके होने के कारण महिला ने अस्पताल के बाहर नवजात को जन्म दिया। लेकिन कुछ देर बाद ही बच्चे की मौत हो गई थी।
बिना अवकाश स्वीकृति के अस्पताल से नदारद रहने पर सीएमओ डा. अर्जुन सिंह सेंगर ने संविदा पर तैनात नर्स कादंबिनी, एएनएम मालती मेहर की सेवाएं बीते दिन समाप्त कर दी है।
मामले में नर्स और एएनएम की ओर से डीएम को प्रेषित ज्ञापन में कहा गया है कि संविदा कर्मियों के खिलाफ एक तरफा कार्रवाई की गई है।
एएनएम ने कहा है कि वह प्रार्थनापत्र देकर अवकाश पर गई थी, लेकिन प्रभारी ने उनकी सीएल उपस्थिति पंजीका में नहीं चढ़ाई। नर्स ने कहा है कि वह रविवार अवकाश के दिन भी ड्यूटी करती रही है, लेकिन कभी उसे प्रतिकर अवकाश भी नहीं दिया गया।
इस संबंध में पूछे जाने पर सीएमओ डा. सेंगर का कहना है कि डॉक्टर और फार्मेसिस्ट के खिलाफ कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य महानिदेशक को पत्र भेज दिया गया है। उनके खिलाफ भी अवश्य कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।