जिला अस्पताल बौराड़ी में यूनिट खोलने के लिए हंस फाउंडेशन से हुआ था अनुबंध
अस्पताल में चार कमरे भी किए गए हैं तैयार, नहीं हुआ अमल
नई टिहरी। जिला अस्पताल बौराड़ी में डायलिसिस यूनिट शुरू करने की स्वास्थ्य विभाग की मुहिम परवान नहीं चढ़ पा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने पूर्व में हंस फाउंडेशन से अनुबंध कर डायलिसिस यूनिट के संचालन का प्रस्ताव तैयार किया था। इसके लिए अस्पताल में चार कमरे भी तैयार किए थे लेकिन यह पहल अब तक अमल में नहीं आ सकी। ऐसे में मरीजों को 65 किमी दूर उप जिला अस्पताल नरेंद्रनगर या फिर ऋषिकेश का रुख करना पड़ रहा है।
जिला मुख्यालय नई टिहरी आसपास के क्षेत्र में डायलिसिस की सुविधा नहीं है। स्थानीय लोग लंबे समय से डायलिसिस यूनिट शुरू करने मांग कर रहे हैं जिस पर स्वास्थ्य विभाग ने हंस फाउंडेशन के संयोग से जिला अस्पताल बौराड़ी में डायलिसिस यूनिट शुरू करने का निर्णय लिया था। इसके लिए जिला अस्पताल बौराड़ी में चार कमरे भी तैयार किए गए थे।
हंस फाउंडेशन की ओर से दो बार जिला अस्पताल का निरीक्षण करने के बावजूद डायलिसिस यूनिट शुरू नहीं हो सका। अनुबंध की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने से स्थानीय स्तर पर बनाई गई सारी व्यवस्था अधर में लटकी है। किडनी रोगियों को हफ्ते में दो से तीन बार डायलिसिस कराना पड़ता है। ऐसे में मरीजों को 65 किमी दूर उप जिला अस्पताल नरेंद्रनगर या फिर ऋषिकेश का रुख करना पड़ रहा है।
डायलिसिस कराने वाले लोगों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि डायलिसिस यूनिट जिला अस्पताल में शुरू हो जाती है तो मरीजों को घर के पास ही उपचार मिल पाता। समय और धन दोनों की बचत हो सकती है। इस बाबत सीएमओ डॉ. श्याम विजय ने बताया कि डायलिसिस यूनिट शुरू करने में हंस फाउंडेशन के साथ कुछ तकनीकी और प्रक्रिया संबंधी दिक्कतें आ रही है। विभाग ने अब स्वास्थ्य महानिदेशालय को पत्र भेजकर जिला अस्पताल में सीधे सरकारी स्तर पर डायलिसिस यूनिट शुरू करने का प्रस्ताव भेजा है। यह प्रक्रिया शासन स्तर पर गतिमान है। उम्मीद है कि इस वित्तीय वर्ष में यूनिट शुरू करने की स्वीकृति मिल सकती है।