थौलधार ब्लॉक में सीएम की घोषणा के डेढ़ साल बाद भी दर्जनभर सड़कों का सुधारीकरण और डामरीकरण कार्य शुरू नहीं हो पाया ह्रै, जिससे दर्जनों गांव के लोगों को ऊबड़ खाबड़ सड़कों पर जोखिमभरा सफर करना पड़ रहा है। जुलाई 2015 के दौरान क्षेत्र भ्रमण पर आए सीएम हरीश रावत ने ब्लॉक मुख्यालय की दो किमी. सड़क के साथ ही बड़ेथी-कटखेत, मैंडखाल-बंगियाल 14 किमी, कमांद-नेरी, मैंडखाल-लवाणी 7 किमी, घुघती ढुंगा-मैंडखाल 6 किमी, चापड़ा-घियाकोटी 5 किमी, रमोलगांव-सैनसारी 7 किमी. और भल्डीयाना 9 किमी सड़क का सुधारीकरण और डामरीकरण करने की स्वीकृति प्रदान की थी।
वर्षों पहले बनाई गई इन सड़कों खड्डे पड़ चुके हैं, जिसके कारण ग्रामीणों को जोखिम उठाकर सफर करना पड़ रहा है। क्षेत्र के लोगों का कहना है, कि ब्लॉक मुख्यालय को जाने वाली सड़क की मरम्मत की मांग को लेकर कई बार आंदोलन करने पर भी कार्य शुरू नहीं किया गया है, तो अन्य सड़कों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
इस बावत लोनिवि चंबा के अधिशासी अभियंता विपुल कुमार सैनी ने बताया कि सभी 10 सड़कों का सुधारीकरण और डामरीकरण का इस्टीमेट सात माह पहले शासन को भेजा गया था, लेकिन अभी तक किसी सड़क के लिए धनराशि नहीं मिल पाई है। पैसा मिलते ही कार्य शुरू कराया जाएगा।