टिहरी बांध प्रभावित रौलाकोट गांव के ग्रामीणों का पुनर्वास की मांग को लेकर क्रमिक अनशन छठवें दिन भी जारी रहा। उन्होंने टीएचडीसी और प्रशासन पर प्रभावितों की उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि लंबे समय से पुनर्वास की मांग को लेकर ग्रामीण आंदोलित है, लेकिन सरकार पुनर्वास के लिए भूमि नहीं दे रही है। डोबरा-चांठी पुल के समीप रौलाकोट के बांध प्रभावितों का क्रमिक अनशन जारी है।
बृहस्पतिवार को सागर भंडारी और दीपक थपलियाल क्रमिक अनशन पर बैठे। उन्होंने कहा कि डोबरा-चांठी पुल के लोकार्पण से पहले प्रभावितों का पुनर्वास होना चाहिए। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो वे पुल लोकार्पण कार्यक्रम का विरोध करेंगे। एक नवंबर को उन्होंने मांग के समर्थन में डोबरा-चांठी पुल के ऊपर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। धरना देने वालों में पंकज बिष्ट, बलवंत धनाई, मोला देवी, लक्ष्मी देवी, शांता देवी, माया देवी, बिंदा देवी आदि शामिल रहीं। वहीं उक्रांद के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष पंकज व्यास ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर रौलाकोट के विस्थापन और डोबरा-चांठी पुल पर वाहनों की आवाजाही शुरू करवाने की मांग की। बताया सीएम ने उन्हें समस्या के निराकरण का भरोसा दिया।