पुनर्वास की मांग को लेकर नंदगांव के ग्रामीणों का आमरण अनशन दूसरे दिन भी जारी रहा। धरने पर बैठी महिलाओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला योजना की बैठक में शामिल होने आए शहरी विकास मंत्री को ज्ञापन दिया। बांध प्रभावितों ने टिहरी सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह को भी ज्ञापन दिया।
पुनर्वास निदेशालय में पुनर्वास की मांग को लेकर पांच दिनों से धरने पर बैठी कई महिलाओं का स्वास्थ्य बिगड़ गया। बैठे संघर्ष समिति के अध्यक्ष सोहन सिंह राणा ने कहा कि शासन-प्रशासन बांध पीड़ितों की समस्याओं के समाधान को गंभीर नहीं है। पांच दिन बीतने पर भी कोई अधिकारी उनकी समस्याएं सुनने नहीं आए। पांच दिन से लगातार निदेशालय के बाहर धरने पर बैठने से पैरों में सूजन आ गई है, वहीं धरने पर बैठे दुर्गा सिंह, किशना देवी, अमला देवी और रुकमणी देवी उल्टी-दस्त से पीड़ित हो गए। उन्हें बाहर से दवाइयां मंगानी पड़ीं।
डीपीसी की बैठक में शामिल होने आए शहरी विकास मंत्री प्रीतम पंवार को ज्ञापन देने कलेक्ट्रेट पहुंची महिलाओं की मंत्री के साथ झड़प हो गई। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन बांध प्रभावितों की काई सुध नहीं ले रहा है जिससे उन्हें अपना घरबार छोड़कर निदेशालय में धरना देना पड़ रहा है। सांसद ने भी समस्याओं के निराकरण का भरोसा दिया है। आंदोलनकारियों में आप के संयोजक औतार सिंह राणा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष शांति भट्ट, दुग्ध संघ अध्यक्ष पदम सिंह कुमाईं, भाजपा के धन सिंह नेगी, रौलाकोट के प्रधान धनपाल सिंह और गजपाल धनाईं आदि ने समर्थन दिया।