नई टिहरी। तहसील सभागार में एसडीएम संदीप कुमार की अध्यक्षता में विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने प्रदेश में भूमि की खरीद-फरोख्त रोकने के लिए भू-कानून और मूल निवास लागू करने की मांग की। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में जमीन की खरीद-फरोख्त रोकने लिए सशक्त भू-कानून बनाने और मूल निवास को लागू किया जाना अनिवार्य है ।
मंगलवार को तहसील सभागार में आयोजित बैठक में उत्तराखंड संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष व राज्य आंदोलनकारी डॉ़ राकेश भूषण गोदियाल ने कहा कि बाहरी लोगों ने पहाड़ों में जमीनें खरीदी थी। ऐसे लोगों को चिह्नित कर नोटिस जारी कर पूछा जाना चाहिए कि उन्होंने किस उद्देश्य के लिए जमीन खरीदी। खरीदी गई जमीन पर अब तक वह कार्य क्यों शुरू नहीं किया गया।
राज्य आंदोलनकारी देवेंद्र नौडियाल ने कहा कि भूमि की खरीद-फरोक्त करने के लिए सख्त भू -कानून बनाए जाने की जरूरत है। कहा कि मूल निवास व्यवस्था समाप्त करने से यहां के लोगों अपनी पहचान खो चुके हैं। इसलिए मूल निवास की व्यवस्था को लागू किया जाना अनिवार्य है। भविष्य में कोई व्यक्ति अपनी जमीन बेचता है, उसके ग्राम सभा से प्रस्ताव जरूरी लागू किया जाना चाहिए।
नागरिक मंच के अध्यक्ष सुंदर लाल उनियाल ने कहा कि प्रत्येक परिवार का अंश का निर्धारण करें। कहा कि लंबे समय बाद भूमि की पैमाइश नहीं हो पाई है। सरकार प्राथमिकता से भूमि की पैमाइश कराएं। बैठक में लोगों ने कहा कि सरकार भू-कानून और मूल निवास को लेकर अपनी मंशा स्पष्ट करें। बैठक में तहसीलदार सदर मो़ शाबाद, नायब तहसीलदार धर्मवीर, परमानंद मैठाणी, चंड़ी प्रसाद डबराल, किशोरी लाल चमोली, कुलदीप पंवार, सुरम तोपवाल, देवेंद्र दुमोगा, सुशील पांडे, अनुसूया नौटियाल, राजेंद्र डोभाल आदि मौजूद थे ।