टिहरी के बौराड़ी स्थित टीन शेड कालोनी निवासी सुरेंद्र कुमार घई अपनी बेटी के विवाह में कॉकटेल प्रथा की खिलाफत करने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए नई इबादत लिखने जा रहे हैं। उनकी पुत्री अनुराधा का परिणय 25 अक्तूबर को जम्मू निवासी सरदार हरमिंदर सिंह रैना के पुत्र हरजीत से होना है। घई ने बाकायदा शादी कार्ड में पौधरोपण (वृक्ष स्थापना एवं पूजन) कार्यक्रम को शामिल किया है।
बताते हैं कि हम बेटी को जन्म देते हैं, उसका लालन- पालन करते हैं और फिर विवाह कर उसे दूसरे घर भेज दिया जाता है। लिहाजा घर में पुत्री की याद को चिर स्थायी बनाने के लिए पौधरोपण कर पर्यावरण का संदेश देंगे। सुरेंद्र ने बेटी के विवाह में कॉकटेल नहीं करने का निर्णय लिया है।
उनके परिजन इसके पक्ष में थे, लेकिन सुरेंद्र ने कॉकटेल नहीं करने का फैसला उन्हें सुना दिया। सुरेंद्र 1986 में वह अंजनीसैंण में हुए वृहद पौधरोपण कार्यक्रम ‘स्मृति वन’ में भी अहम भूमिका निभा चुके हैं। वह इस मुहिम को दूसरे लोगों तक भी पहुंचाएंगे। खासकर जिस घर से उनके लिए विवाह का न्योता आएगा, वह उस परिवार के मुखिया को इसके लिए खासतौर से प्रेरित करेंगे।