मांगों का समाधान नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने की दी चेतावनी
नैनबाग (टिहरी)। लखवाड़ बांध प्रभावितों का मुआवजा और रोजगार की मांग लेकर परियोजना स्थल पर 36वें दिन धरना जारी रहा। मांगों का निराकरण नहीं होने पर ग्रामीणों ने कंपनी प्रबंधन और शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर आक्रोश जताया। कहा कि मांगें नहीं माने जाने तक आंदोलन जारी रहेगा।
जौनपुर-जौनसार लखवाड़ बांध प्रभावित संयुक्त संघर्ष समिति से जुड़े मेघ सिंह सजवाण, राकेश सजवाण ने कहा कि बांध प्रभावित कड़के की ठंड में अपनी जायज मांगों को लेकर एक माह से अधिक समय धरने पर बैठे हैं। शासन-प्रशासन और कंपनी प्रबंधन की प्रभावितों के अधिकारों के हनन करने में लगे हैं। ग्रामीणों ने राष्ट्र की उन्नति के लिए अपनी पैत्रिक भूमि का बलिदान दिया है लेकिन मांगों का समाधान करने के बजाय उन्हें उलझाने पर काम किया जा रहा है।
पुलिस को आगे कर परियोजना का कार्य शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रभावित किसी के दबाव में नहीं आने वाले हैं जब तक उनकी सभी मांगों का निस्तारण नहीं होता। वह परियोजना का कार्य शुरू नहीं होने देंगे। धरना देने वालों में राकेश रावत, संदीप तोमर,महेंद्र पुंडीर, आनंद तोमर, अनिल पंवार, नागेंद्र बिष्ट, प्रदीप भंडारी, मुकेश सजवाण, कमल रावत, नागेंद्र रावत, राजेंद्र तोमर, शूरवीर चौहान, सरदार सिंह खत्री, जसवीर सिंह आदि मौजूद थे।