वानिकी महाविद्यालय रानीचौरी में शीतोष्ण फल उत्पादन प्रशिक्षण कार्यशाला शुरू
नई टिहरी। वानिकी महाविद्यालय रानीचौरी में काश्तकारों की दो दिवसीय शीतोष्ण फल उत्पादन प्रशिक्षण कार्यशाला शुरु हुई। वैज्ञानिकों ने काश्तकारों को फल और फसल उत्पादन के लिए वैज्ञानिक तकनीकी अपनाने के लिए प्रेरित किया।
वानिकी महाविद्यालय के कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ़ आलोक येवले ने प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ किया। कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में बागवानी की बेहतर संभावना है लेकिन इसके लिए काश्तकारों को प्रशिक्षित होना जरूरी है। जिला उद्यान अधिकारी अरविंद शर्मा ने काश्तकारों को सरकार की ओर से संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए योजना का लाभ उठाने को कहा।
उन्होंने कहा कि सेब और कीवी मिशन के तहत जिले में बागवानी मिशन मोड पर कार्य किया जा रहा है जिससे भविष्य में काश्तकारों की आजीविका में बढ़ोतरी होगी। महाविद्यालय के वैज्ञानिकों ने किसानों को फल की प्रजाति का चयन, कटाई, छटाई, कीटनाशक, बागवानी प्रबंधन सहित अन्य जानकारियां दी। जौनपुर के युवा काश्तकार राजवीर सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यशाला में किसानों को नई-नई तकनीकी एवं उद्यान प्रबंधन की जानकारी दी जा रही है, काश्तकारों को इससे लाभ मिलेगा।