राजकीय इंटर कालेज, फकोट के निरीक्षण के दौरान कई शिक्षक अपने ड्यूटी से गायब होकर बाजार में घूमते पाए गए। मुख्य शिक्षाधिकारी दिनेश चंद्र गौड़ ने कंडीसौड़ बीईओ कार्यालय में प्रधानाचार्यों की बैठक लेकर पढ़ाई व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा कि समय पर स्कूल न पहुंचने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई की जा सकती है।
इससे पहले उन्होंने जीआईसी फकोट का औचक निरीक्षण किया। फकोट में स्कूल के निरीक्षण के दौरान कई शिक्षक बाजार में घूमते पाए गए। थौलधार बीईओ कार्यालय में आयोजित बैठक में सीईओ ने कहा कि कॉलेज में पढ़ाई व्यवस्था और अनुशासन रखना प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी है। जो शिक्षक समय पर स्कूल नहीं आते हैं, उसकी सूचना तत्काल सीईओ कार्यालय को उपलब्ध कराएं जिससे उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
सीईओ ने कहा कि पढ़ाई में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में जीआईसी कमांद के प्रधानाचार्य सत्ये सिंह परमार ने बताया कि कॉलेज के पास 118 नाली भूमि पड़ी हुई है, जिस पर लोग अवैध कब्जा कर रहे हैं।
उन्होंने भूमि को सुरक्षित रखने के लिए बाउंड्रीवाल लगाने की मांग की है। इस पर सीईओ ने पांच लाख रुपये तक का प्रस्ताव भेजने को कहा है। उन्होंने कहा कि दीपावली के बाद सभी कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति कर दी जाएगी।
बैठक में बीईओ सीपी रतूड़ी, प्रधानाचार्य हेमचंद रमोला, भोपाल सिंह असवाल, रश्मि सजवाण, उत्तम लाल, सोमवारी लाल सकलानी आदि मौजूद थे। सीईओ बृहस्पतिवार सुबह पौने दस बजे जीआईसी फकोट का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान प्रधानाचार्य और तीन शिक्षक गायब मिले। जबकि कुछ शिक्षक स्कूल समय पर बाजार में घूमते नजर आए। सीईओ ने प्रधानाचार्य और शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा है।