केंद्र और राज्य का अंश निर्धारित करने से रोजगार मिलना होगा मुश्किल : विधायक
लंबगांव (टिहरी)। मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत ब्लाॅक कांग्रेस कमेटी ने मांजफ में गर्जना रैली निकालकर धरना दिया। उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर मनरेगा कानून वापस करने की मांग की।
प्रतापनगर के विधायक विक्रम सिंह नेगी के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने मनरेगा बचाओ, मनरेगा कानून वापस कराे, श्रमिकाें का शाेषण बंद कराे नाराें के साथ थाैलधार और मांजफ बाजार में गर्जना रैली निकालकर प्रदर्शन किया। मांजफ में धरना स्थल पर हुई सभा में विधायक नेगी ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने मनरेगा का नाम विकसित भारत गारंटी फाॅर राेजगार करके राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और रविंद्र नाथ टैगाेर जैसी महान विभूतियाें काे अपमानित करने का कार्य किया है। इसे कांग्रेस कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
विधायक ने कहा कि मनरेगा याेजना में 100 दिन के राेजगार देने की गारंटी थी लेकिन अब नए कानून में 125 दिन का राेजगार देने की बात कही गई है लेकिन उसकी गारंटी नही है। उन्हाेंने याेजना में उत्तराखंड के श्रमिकों के साथ भेदभाव करने का आराेप लगाया है। उन्हाेंने कहा कि हरियाणा में श्रमिकाें के लिए 400 रुपये मजदूरी निर्धारित की गई है, जबकि उत्तराखंड में 252 रुपये मजदूरी तय की गई है। याेजना में 60 प्रतिशत केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राज्य सरकार का अंश निहित किया गया है। इससे राज्याें के ऊपर अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा और जिससे श्रमिकाें काे राेजगार मिलना मुश्किल हाे जाएगा।
प्रदर्शन कर धरना देने वालों में ब्लाॅक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राकेश थलवाल, खुशाल सिंह ,विजय पंवार, धीरेंद्र महर, प्रवीण पंवार, प्रधान सुनील शाह, गजेंद्र रावत, मदन बरियाल, साैणी देवी, हिमला देवी, प्रेमा देवी शामिल थे।