सड़क निर्माण की सभी औपचारिकताएं पूरी होने पर ग्रामीणों की निर्माण शुरू होने की आस बंधी थी, लेकिन चुनाव आचार संहिता लगते ही निर्माण कार्य रुक गया। अधिकारियों की लापरवाही से ग्रामीणों में खासा रोष है।
प्रतापनगर विधानसभा में दूरस्थ गांव सौंदी वर्षों बाद भी सड़क से नहीं जुड़ पाया है। कई बार के आश्वासनों के बाद देर से ही सही गांव के लिए मौल्या बैंड से छह किमी मोटर मार्ग की स्वीकृति मिली। फॉरेस्ट से एनओसी मिलने के साथ ही वित्तीय स्वीकृति भी मिल गई थी, लेकिन ऐन वक्त पर आचार संहिता लगने से सड़क की टेंडर प्रक्रिया अधर में लटक गई।
सौंदी के क्षेत्र पंचायत सदस्य जयपाल सिंह चौहान ने कहा कि पीएमजीएसवाई की लापरवाही के कारण ग्रामीणों को ढाई किमी खड़ी चढ़ाई पैदल नापनी पड़ रही है। सभी कार्रवाई पूरी होने के बावजूद सड़क निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। विभाग समय रहते सभी औपचारिकता पूरी कर लेता, तो अब तक आधी रोड कट जाती। लेकिन विभाग को ग्रामीणों की समस्या से कोई लेना-देना नहीं है।
सौंदी मोटर मार्ग के लिए चार माह पहले निविदा जारी की गई थी, लेकिन दो ही निविदा मिली। जिसमें एक ही टेंडर सलेक्ट होने से निविदा आवंटित नहीं हो पाई। दोबारा टेंडर निकाले गए, जिसमें पांच लोगों ने निविदा डाली। टेंडर खुलने की प्रक्रिया के बीच ही आचार संहिता लग गई। जिससे कार्य आवंटित नहीं हो पाया है।
-राजेश सिंह, ईई, पीएमजीएसवाई नई टिहरी।