ग्रामीण क्षेत्रों में जंगली जानवरों से खेती को बचाने, मूल निवास की व्यवस्था बहाल करने और जन एवं कृषि सरंक्षण अधिनियम बनने आदि मांगों को लेकर नवक्रांति स्वराज मोर्चा के अध्यक्ष आदित्य कोठारी का आमरण अनशन छठे दिन भी जारी रहा। दूसरी, ओर सीएम से वार्ता के दौरान समस्याओं के निराकरण को सकारात्मक आश्वासन नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है।
गजा तहसील परिसर में नवक्रांति स्वराज मोर्चा के बैनर तले ग्रामीणों ने 16 मई से क्रमिक अनशन शुरू किया था। मांगों का निराकरण नहीं होने से 29 मई से मोर्चा के अध्यक्ष कोठारी ने आमरण अनशन शुरू कर दिया था। शुक्रवार को भी कोठारी का आमरण अनशन छठे दिन भी जारी रहा। वहीं शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी के बुलाए पर 28 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल सीएम से मिलने देहरादून पहुंचा था।
सीएम से सकारात्मक आश्वासन नहीं मिलने पर उन्होंने नारागजी व्यक्त की है। मोर्चा के अध्यक्ष कोठारी, वाचस्पति रयाल ने बताया कि सीएम ने अपना पल्ला झाड़ते हुए जंगली जानवरों पर रोक लगाने और मूल निवास बहाली प्रकरण को केंद्र सरकार से संबंधित बताकर निराकरण का ठोस आश्वासन नहीं दिया है। केवल शनिवार को डीएम को गजा में वार्ता के लिए भेजने का आश्वासन दिया है। इस पर असंतुष्ट आंदोलनकारियों ने आंदोलन जारी करने का निर्णय लिया है। इस मौके पर महेश भट्ट, जोत सिंह नेगी, कुंवर चौहान, देव सिंह सजवाण, मनजीत सिंह, मान सिंह, गबर सिंह, उम्मेद ङ्क्षसह, हिमांशु बिजल्वाण, टंकी नेगी, हिकमत नेगी, ज्योति पंत, कुशला देवी आदि मौजूद थे।