नई टिहरी। पर्वतीय क्षेत्रों में खेती को बढ़ावा देने और महिला किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के उद्देश्य से बृहस्पतिवार को वानिकी महाविद्यालय रानीचौरी परिसर में किसान मेले का आयोजन किया गया। कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र रानीचौरी की संयुक्त पहल पर अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित मेले में किसानों ने प्रतिभाग किया। मेले में स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई।
किसान मेले का शुभारंभ वीर चंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विवि के कुलपति डॉ. भगवती प्रसाद भट्ट और सीडीओ वरुणा अग्रवाल ने किया। सीडीओ वरुणा ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में महिलाएं कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। ब्लॉक प्रमुख सुमन सजवाण ने कहा कि महिलाएं कृषि की रीढ़ हैं। उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. अरुणिमा पालीवाल ने रबी की फसलों गेहूं, मसूर और मटर की वैज्ञानिक खेती व फसल प्रबंधन की जानकारी दी। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. डीके शर्मा ने विभागीय योजनाओं और पशु रोगों के बारे में बताया। वैज्ञानिक डॉ. सचिन कुमार ने रबी की फसलों में लगने वाले कीटों और रोगों के प्रबंधन के साथ प्राकृतिक खेती की तकनीक समझाई।
इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज दानू ने मृदा परीक्षण और नैनो उर्वरकों के महत्व की जानकारी दी। मुख्य कृषि अधिकारी विजय देवराड़ी ने फार्मर रजिस्ट्री, पीएम किसान, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) और जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए घेरबाड़ योजना के बारे में बताया। डॉ. कीर्ति कुमारी ने महिला किसानों के योगदान, खाद्य प्रसंस्करण और कौशल विकास के माध्यम से उन्हें सशक्त बनाने पर जोर दिया। इस मौके पर भूमि संरक्षण अधिकारी डॉ. शशि कमल, संयुक्त निदेशक प्रसार डॉ. अरूरांचलम, लीड बैंक अधिकारी मनीष मिश्रा आदि मौजूद रहे।