बागी गांव की समस्याओं के निस्तारण न होने से नाराज ग्रामीण बृहस्पतिवार को नई टिहरी-बीपुरम मोटर मार्ग पर चक्काजाम करने पहुंचे। इस बीच एसडीएम भी पहुंच गए और ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि 11 सितंबर को टीएचडीसी और गांव के लोगों की बैठक होगी। इसमें गांव की लंबित समस्याओं के निस्तारण के लिए चर्चा की जाएगी।
टिहरी बांध प्रभावित बागी गांव के लोगों ने एसडीएम को बताया कि टीएचडीसी ने उनकी भूमि अधिग्रहण की थी। वर्ष 2009 में टीएचडीसी ने गांव को गोद लेने का समझौता भी किया है। हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज से बागी गांव को जाने वाली सड़क और रास्तों पर टीएचडीसी ने तारबाढ़ नहीं किया है। आवारा पशु और जंगली जानवर गांव में घुसकर फसल को नुकसान पहुंचाते हैं। टीएचडीसी की ओर से गांव में स्वास्थ्य शिविर भी नहीं लगाया जाता है। एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए टीएचडीसी से गांव में सामुदायिक मिलन केंद्र, गांव तक सड़क और तारबाढ़ करने की मांग की गई। एसडीएम ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि 11 सितंबर को टीएचडीसी प्रशासन के साथ ग्रामीणों की बैठक कर समस्या समाधान किया जाएगा। इसके बाद ग्रामीण माने और चक्काजाम स्थगित कर दिया। इस मौके पर युद्ववीर तोपवाल, मुनेंद्र भट्ट, भूपेंद्र तोपवाल, गोपाल तोपवाल, शशि तोपवाल, बनीता तोपवाल, संगीता राणा उपस्थित रहीं।