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देवभूमि को जैव विविधता पार्क दिलाएगा नई पहचान

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विनोद चमोली
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पर्यटन और तीर्थाटन के बाद अब देवभूमि को देश-दुनिया में एक नई पहचान मिलने वाली है। नरेंद्रनगर वन प्रभाग के मुनिकीरेती में जैव विविधता पार्क बनने जा रहा है। इससे न सिर्फ बच्चों और बड़ों को प्रकृति को करीब से जानने का मौका मिलेगा, बल्कि यह पार्क बड़े पिकनिक स्थल के रूप में भी विकसित होगा। पर्यटक इस अनूठे पार्क में हर्बल गार्डन, नेचर हाट, हाईटेक नर्सरी, झरने, गुफाएं, ट्री हाउस, मचान, रंग-बिरंगे पक्षी, प्राकृतिक रास्तों का लुत्फ ले सकेंगे। यह पार्क आर्थिकी संवारने के साथ ही शोध और अध्ययन का बड़ा केंद्र साबित हो सकेगा।
हिमालय की गोद में बसे उत्तराखंड को प्रकृति ने खूबसूरती और नेमतों से जमकर नवाजा है। यहां की सुंदर वादियों और तीर्थस्थलों के दर्शन के लिए हर साल लाखों की संख्या में देश-विदेश के लोग यहां पहुंचते हैं। नरेंद्रनगर वन प्रभाग के डीएफओ ने पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए चारधाम यात्रा के मेन गेट मुनिकीरेती में जैव विविधता पार्क बनाने का खाका तैयार किया है। डा. सुशीला तिवारी हर्बल गार्डन के साथ ही 50 हेक्टेयर भूमि में बनने वाले इस पार्क में हर्बल गार्डन, नेचर हाट, हाईटेक नर्सरी, नक्षत्र वाटिका, बर्ड वाचिंग, साइक्लिंग ट्रेक, लकड़ी के बने झूला पुल, झरने, गुफाएं, ट्री हाउस और मचान आदि प्रमुख रमणीय स्थान होंगे। पार्क की खासियत यह होगी कि इन स्थानों में जाने के लिए हरे-भरे पौधों के बीच कच्चे मार्गों का ट्रेक बनाया जाएगा। पार्क के मुख्य गेट को भी जीव-जंतुओं की शक्ल में बने पौधों से सजाया जाएगा, जिससे बच्चे पार्क का रोमांच के साथ ही प्रकृति संरक्षण का ककहरा भी सीखेंगे। वन विभाग का दावा है कि लोग इस पार्क में कुछ पल बिताने के लिए लालायित रहेंगे। पार्क में आजीविका बढ़ाने के लिए भी जगह आरक्षित की जाएगी। जहां ग्रामीण अपने प्रोडक्ट की ब्रांडिंग कर रोजगार से जुड़ेंगे। पर्यावरण के क्षेत्र में शोध और अध्ययन करने के लिए संस्थानों को आमंत्रित कर सहयोग भी किया जाएगा। इन सभी खूबियों को देखते हुए राज्य सरकार ने विभाग के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। उम्मीद है जल्द ही इस पर कार्य शुरू हो जाएगा।
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पार्क को प्रकृति संरक्षण, विकास और आजीविका संवर्द्धन का एक अद्भुत मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। औषधीय पौधों के संरक्षण और संवर्द्धन के साथ नेचर एजूकेशन के माध्यम से स्कूल और कालेज के बच्चों को प्रकृति जोड़ा जाना प्रस्तावित है। प्रेजेंटेशन के बाद सरकार ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है।
- धर्म सिंह मीणा, डीएफओ नरेंद्रनगर।
नेचर हाट के जरिए मिलेगा किसानों को प्लेटफार्म
उत्तराखंड में जड़ी-बूटियों का खजाना है, लेकिन किसान को जड़ी-बूटी और अन्य उत्पादों का बाजार नहीं मिल पाता है। इसे देखते हुए पार्क में नेचर हाट के जरिए किसानों को प्लेटफार्म दिया जाएगा। किसानों को ऑन लाइन मार्केट भी बाजार उपलब्ध कराया जाएगा।
मछलीघर, आर्किडेरियम और तितली पार्क भी होगा
पार्क में विभिन्न प्रजातियों की मछली, मनमोहक तितलियों और रंग-बिरंगे पक्षियों के भी दीदार होंगे। देशभर की तितलियों और पक्षियों की प्रजातियों को पार्क में लाया जाएगा। इन सभी को देखने के लिए विशेष प्रकार के मचान बनाए जाएंगे।
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कई कार्यों को अंजाम दे चुके हैं डीएफओ मीणा
डीफओ नरेंद्रनगर धर्म सिंह मीणा अपने उल्लेखनीय कार्यों के लिए काफी चर्चित हैं। अल्मोड़ा में तैनाती के दौरान उन्होंने 6 करोड़ का अवैध लीसा पकड़ा था, जिस पर दोषियों पर 31 लाख का जुर्माना और 6 लोग जेल गए थे। फिर बागेश्वर तैनाती के समय 1 लाख पौधे बिना किसी सरकारी मदद के लोगों के सहयोग से लगाए थे। नैनीताल को बर्ड मैप पर लाने में खासा कार्य किया। देहरादून तैनाती के समय दस दिनों में हाथी दांत के तश्कर पकड़े थे।
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