कंडीसौड़ (टिहरी)। थौलधार ब्लॉक के पांच गांवों को जोड़ने वाली भल्डियाणा-कुनेर सड़क ग्रामीणों के लिए सुविधा के बजाय मुसीबत बन गई है। पिछले 8-10 वर्षों से डामरीकरण और मरम्मत नहीं होने के कारण सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बने हैं। इससे आवागमन मुश्किल हो गया है। सबसे अधिक परेशानी दोपहिया वाहन सवारों को हो रही है। गड्ढों में टायर फिसलने से उनके चोटिल होने का खतरा बना रहता है।
पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य पवन रावत ने बताया कि सड़क पर पिछले 8-10 वर्षों से डामरीकरण और मरम्मत कार्य नहीं हुआ है। सड़क की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। कुनेर, डांग, भल्डियाणा, ल्वाखा और मझोली गांवों के लोग प्रतिदिन इसी सड़क से आवाजाही करते हैं। ग्रामीण पिछले दो-तीन वर्षों से सड़क की मरम्मत और डामरीकरण की मांग कर रहे हैं लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क मरम्मत के नाम पर गड्ढों में मिट्टी भर दी जाती है। बारिश होते ही मिट्टी बह जाती है और गड्ढे फिर उभर आते हैं। मानकों के अनुरूप सड़क पर मरम्मत नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश है। इस बाबत लोनिवि चंबा के सहायक अभियंता अमित रूसिया ने बताया कि भल्डियाणा-कुनेर सड़क के डामरीकरण का प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित है। धनराशि मिलने पर ही सड़क पर मरम्मत का कार्य कराया जाएगा।