टिहरी झील के उस पार बसे प्रतापनगर वासियों को सुगम यातायात की सुविधा मुहैया कराने के लिए भले ही पर्यटन विभाग ने दो करोड़ 17 लाख की लागत से तैयार बार्ज बोट जनता को समर्पित कर दी है, लेकिन पिछले दो दिनों से बार्ज बोट का संचालन बंद पड़ा है।
जिला मुख्यालय सहित ऋषिकेश-देहरादून जाने के लिए क्षेत्र के लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। 10 वर्षाें से निर्माणाधीन चांठी-डोबरा पुल निर्माण नहीं होने पर प्रदेश सरकार ने क्षेत्र के लोगों को सपने दिखाए थे। टिहरी झील में बार्ज बोट (माल वाहक) सेवा शुरू होने पर उनकी मुश्किलों का अंत हो जाएगा।
28 नवंबर को टिहरी झील पर्यटन उत्सव के अवसर पर केंद्रीय पर्यटन मंत्री महेश शर्मा और राज्य के पर्यटन मंत्री दिनेश धनै ने बहुप्रतिक्षित बार्ज बोट का लोकार्पण किया। लेकिन 30 नवंबर से बार्ज बोट की सेवा बंद हो गई। बार्ज तक पहुंचने के लिए प्रतापनगर के सांदणा और मोटणा में झील किनारे सड़क बनकर तैयार है। बार्ज में एक समय में आधा दर्जन छोटे वाहन, एक बड़ा वाहन और लगभग 100 वाहनों के आरपार होने की सुविधा है।
इस संबंध में प्रतापनगर के विधायक विक्रम सिंह नेगी ने बताया कि बार्ज बोट के संचालन के संबंध में पर्यटन सचिव से वार्ता हो चुकी है। बोट संचालन के लिए मुंबई से प्रशिक्षित लोगों की एक टीम आनी है। दो-चार दिनों में बार्ज का संचालन शुरू करने की योजना है।