कटाल्डी खनन आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाली महिला गड्डू देवी (74) नहीं रही। वह पिछले कई दिनों से अस्वस्थ चल रही थी।
वर्ष 2003 में जब खनन के विरोध में गड्डू देवी और अन्य आंदोलनकारी धरना देकर प्रदर्शन कर रहे थे, तब खनन माफिया ने आंदोलन को खत्म करने के लिए घोड़े-खच्चरों को आंदोलनकारियों के ऊपर चढ़वा दिया था। इसमें कई लोग तो इधर-उधर भाग गए। गड्डू देवी की रीढ़ की हड्डी में गहरी चोटें आ गई थीं। इससे अस्वस्थ होने के बावजूद वह आंदोलन में समय-समय पर अपनी भागीदारी निभाती रहती थी।
कटाल्डी गांव के ऊपर कुछ लोग खनन करना चाहते थे, लेकिन इससे गांव और प्राकृतिक स्रोतों को नुकसान होने के कारण क्षेत्र के लोगों ने कई समय तक आंदोलन चलाया।
गड्डू देवी अपने पीछे दो बेटों का भरापूरा परिवार छोड़ गई हैं। उनके निधन पर बीज बचाओ आंदोलन के विजय जड़धारी व वन पंचायत सरपंच महेश लखेड़ा ने गहरा शोक व्यक्त किया है।