पुनर्वास निदेशक को ज्ञापन सौंपकर कार्य सिंचाई विभाग को देने की मांग
नई टिहरी। टिहरी बांध विस्थापितों और प्रभावितों ने पुनर्वास का कार्य टीएचडीसी से हटाने की मांग की है। उन्होंने पुनर्वास का कार्य पूर्व की भांति सिंचाई विभाग की देने की मांग उठाई है। जल्द ही मामले में सकारात्मक कार्रवाई न होने पर डीएम/पुनर्वास निदेशक कार्यालय में धरना शुरू करने की चेतावनी दी है।
टिहरी बांध प्रभावित व विस्थापित गांव के जनप्रतिनिधियों का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को डीएम/पुनर्वास निदेशक नितिका खंडेलवाल से मिला। उन्होंने ज्ञापन सौंपकर पुनर्वास का कार्य टीएचडीसी से हटाने की मांग की। कहा कि जब से पुनर्वास का कार्य टीएचडीसी के पास गया है, तब से कोई भी मामले निस्तारित नहीं हो रहे हैं।
टीएचडीसी के अधिकारी कार्यों को लटका रहे हैं। जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो प्रभावित एवं विस्थापित परिवार डीएम कार्यालय परिसर में धरना शुरू करेंगे। जब तक सभी प्रभाविताें का पुनर्वास नहीं हो जाता तब तक यह कार्य टीएचडीसी को देने का कोई औचित्य नहीं है। हनुमंत राव कमेटी, केंद्र सरकार की गाइडलाइन और पुनर्वास नीति में स्पष्ट है कि पुनर्वास का कार्य राज्य सरकार करेगी।
टीएचडीसी केवल धनराशि की व्यवस्था करेगी। टीएचडीसी एक कंपनी है जिसका सभी विस्थापित परिवार विरोध कर रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व ब्लॉक प्रमुख खेम सिंह चौहान, पूर्व प्रधान राजेंद्र कुमाईं, विजयपाल चौहान, युद्धवीर सिंह, सोबन सिंह, रौलाकोट के ग्राम प्रधान अरविंद नौटियाल शामिल रहे।