अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर बहुद्देेशीय भवन में डीएम इवा आशीष श्रीवास्तव ने बाल विकास विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ किया। महिला दिवस पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने क्षेत्रीय परिधानों में कैटवॉक किया, जिसमें जाखणीधार की कृष्णा नौटियाल प्रथम, दीपमाला भट्ट द्वितीय और प्रतापनगर की कविता महर तृतीय रहीं। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत जिनकी दो बेटियां हैं उन दंपतियों को भी सम्मानित किया गया।
एसएसपी तृप्ति भट्ट ने कहा कि एक परिवार, गांव और समाज महिलाओं के बगैर अधूरा है। विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अशोक कुमार, महिला उद्यमिता विकास परिषद की अध्यक्ष बेबी असवाल, पालिकाध्यक्ष सीमा कृषाली ने भी महिलाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। साक्षी सुयाल ने बेटी ब्वारी पहाड़ों की गीत गया।
घनसाली बाल गंगा कॉलेज में विभिन्न प्रतियोगिताओं में सफल रहने वाली अंजली ममगाईं, मीनाक्षी, शुभम, अमीषा, नीता राणा, अंजू और निर्मला बिष्ट, देवेश्वरी उनियाल और मीना पंवार को समानित किया गया। उजपा कार्यालय में आयोजित महिला सम्मेलन में पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष व पूर्व मंत्री दिनेश धनै ने सराहनीय कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। जाखणीधार ब्लाक मुख्यालय में प्रमुख सुनीता देवी ने आंगनबाड़ी और समूह से जुड़ी महिलाओं का सम्मान किया।
नई टिहरी शांति कुंज में उत्तराखंड राज्य बाल कल्याण परिषद की शगुफ्ता प्रवीन और डा. वीएन जोशी ने मंजू भंडारी, पालिकाध्यक्ष सीमा कृषाली, अंजली चंदोला, विनीता बिष्ट और नीलम लता का सम्मान किया। लंबगांव में प्रमुख प्रदीप रमोला और नगर पंचायत अध्यक्ष भरोसी देवी ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली 25 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया। जीजीआईसी नरेंद्रनगर में पुलिस की ओर से आयोजित विधिक जागरूकता कार्यशाला में प्रभारी निरीक्षक प्रदीप पंत, डा. सुनीता त्यागी, राजकुमारी प्रसाद, सीमा मल्होत्रा, पूर्णिमा चौहान आदि मौजूद थे।
एसआरटी परिसर में एक दिन की निदेशक बनीं वंदना
चंबा। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर स्वामी रामतीर्थ परिसर बादशाहीथौल में एनसीसी कैडेटस बीएससी पंचम सेमेस्टर की छात्रा वंदना रावत सोमवार को एक दिन के लिए प्रतीकात्मक परिसर निदेशक बनीं। वंदना ने सामान्य रूप से प्रशासनिक कामकाज निपटाया। परिसर निदेशक प्रो. एए बौड़ाई ने कहा कि महिलाएं प्रशासनिक, आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक क्षेत्रों में अपना योगदान दे रही हैं। अब सेना में भी महिलाएं सीमाओं पर तैनात होकर वीरांगनाओं के रूप में स्वयं को स्थापित कर रही हैं। संवाद
महिलाओं ने बांह पर काली पट्टी बांध जताया विरोध
नरेंद्रनगर (टिहरी)। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं ने गैरसैंण में विधानसभा सत्र के दौरान किए गए लाठीचार्ज के विरोध में बांह पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। राज्य आंदोलनकारी व पूर्व सभासद चंद्रा डंगवाल ने कहा कि राज्य बनने के 20 साल बाद भी महिलाओं की स्थिति में सुधार नहीं हो पाया है। अपना हक मांगने वाली महिलाओं पर लाठियां भांजी जा रही है। लूशुन टोडरिया ने कहा कि एक ओर सरकार महिला दिवस मना रही है, दूसरी ओर महिलाओं पर लाठी चलाकर उन्हें पत्थरबाज कह रही है। यह उस राज्य की महिलाओं का अपमान है जिनकी बदौलत हमें उत्तराखंड राज्य मिला है। बांह में काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन करने वालों में पूर्व पालिकाध्यक्ष दुर्गा राणा, सरोजनी देवी, अनीता रावत, सुशीला और अंशिका आदि मौजूद थे। संवाद