नई टिहरी। आपदा से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की मरम्मत के लिए धनराशि के आवंटन में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए प्रतापनगर के दो लोग यहां कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठ गए।
उन्होंने कहा कि जहां मरम्मत कार्य की सबसे अधिक जरूरत है, आपदा मद से उस योजना के लिए धनावंटन करने के बजाए चहेतों की योजनाएं स्वीकृत कर दी गई हैं। उन्होंने इसकी जांच करने की मांग की है।
डीएम नितिका खंडेलवाल ने जांच का आश्वासन देकर उनका धरना समाप्त करा दिया। कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठे रमोलगांव के सुभाष चंद रमोला, मिश्रवाण गांव के सूरत सिंह पंवार ने बताया कि आपदा से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की मरम्मत के लिए आपदा प्रबंधन कार्यालय से भारी अनियमितताएं बरती गई हैं।
प्रतापनगर-लंबगांव मोटर मार्ग के किमी छह में बारिश के दौरान सूरज लाल के मकान के आंगन की दीवार टूटने से मकान को खतरा पैदा हो गया था। आपदा मद में धनराशि मिलने की प्रत्याशा में लोनिवि ने दीवार लगाई, लेकिन अभी तक भुगतान नहीं हुआ।
देवल-भेलुंता मोटर मार्ग के किमी आठ पर दीवार टूटने से बड़ा खतरा बना हुआ है। लेकिन आपदा प्रबंधन कार्यालय से किमी सात के लिए धनराशि स्वीकृत कर दी।
जीआईसी थापलाधार की दीवार टूटने से स्कूल को खतरा बना हुआ है, धारगढ़ के गडियारी तोक, तलवाड़ी, डांग के डारिया और हलेथ गांव के समल्यारी तोक में नहर क्षतिग्रस्तम होने से पानी नहीं जा रहा है, उस प्रस्ताव को भी नजरअंदाज किया गया है। जिससे लोगों को परेशानियां झेल रहे हैं।
डीएम की ओर से आपदा से ज्यादा प्रभावित योजनाओं को प्राथमिकता देने का आश्वासन मिलने पर उन्होंने धरना समाप्त कर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि जल्द कार्यवाही नहीं की गई तो मंडल मुख्यालय पौड़ी में धरना देने को मजबूर होना पड़ेगा।