नई टिहरी। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एंड एजुकेशन विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। वक्ताओं ने कहा कि एआई इंसानों की क्षमता को आगे बढ़ाने का काम कर रहा है। एआई इंसान को रिप्लेश करने नहीं आया है। इंसान का कभी रिप्लेसमेंट हो भी नहीं सकता है। इंसान ने अपने कार्यों को तेजगति से आगे बढ़ाने के लिए एआई तकनीकी को विकसित किया है।
निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण वंदना गर्ब्याल, एससीईआरटी के उप निदेशक डॉ़ कृष्णानंद बिजल्वाण, डायट के प्राचार्य हेमलता भट्ट ने कार्यशाला का उद्घाटन किया। एआई विशेषज्ञ केंद्रीय विद्यालय देहरादून के चंद्रकांत भट्ट ने कहा कि एआई तकनीकी मानव जाति के कल्याण के लिए है।
डीयू के असिस्टेंट प्रो़ निखिल राजपूत ने कहा कि एआई इंसानों की क्षमता को आगे बढ़ाने का काम कर रहा है। हाईड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज भागीरथी पुरम के विवेक कुमार ने कहा कि कैप्चा कंप्यूटर और मानव को अलग करने वाली तकनीक है, जिसका उपयोग ऑनलाइन सहित अन्य कार्यों में किया जा रहा है। रमेश बडोनी ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता वह तकनीकी है, जो कंप्यूटर और मशीनों को मानवीय बुद्धिमत्ता और समस्या-समाधान क्षमताओं का अनुसरण करने में समक्ष बनाती है।
इस मौके पर डॉ़ राकेश गैरोला, डॉ़ रंजन भट्ट, शुभ्रा सिंघल, सरिता असवाल, संजीव भट्ट, दीपक रतूड़ी, डॉ़ वीर सिंह रावत, डॉ़ मनवीर नेगी, राजेंद्र बडोनी, सुशील तिवारी, सुमन नेगी, जयप्रकाश डबराल मौजूद थे।