विस्थापन की मांग को लेकर टिहरी बांध प्रभावित नंदगांव के लोग मंगलवार को दूसरे दिन भी धरने पर डटे रहे। आंदोलनरत लोगों की पुनर्वास विभाग के ईई से वार्ता विफल हो गई।
प्रभावितों का कहना है कि उन्हें भूमि के बदले भूमि ही चाहिए। 40 लाख का नकद प्रतिकर वे स्वीकार नहीं करेंगे। नंदगांव के लोगों ने पुनर्वास विभाग से उन्हें पथरी और पशुलोक में आवासीय और कृषि भूखंड आवंटित करने की मांग की है। ऐसा नहीं होने पर 20 नवंबर से पुनर्वास विभाग में भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी दी है।
आंशिक डूब क्षेत्र संघर्ष समिति के बैनर तले नंदगांव के लोग विस्थापन की मांग को लेकर बीते दिन से कलक्ट्रेट में धरना दे रहे हैं। प्रभावितों का कहना है कि टिहरी झील के कारण गांव के 47 परिवार खतरे के साये में जी रहे हैं।
वार्ता के लिए पहुंचे पुनर्वास विभाग के ईई डीके सिंह ने आंदोलनरत लोगों को बताया कि खानपुर में वन भूमि हस्तांतरण का प्रस्ताव प्रदेश सरकार और वन एवं पर्यावरण मंत्रालय केंद्र सरकार को भेजा किया गया है।
भूमि के बदले 40 लाख नकद प्रतिकर प्रति परिवार देने का प्रस्ताव राज्य सरकार और टीएचडीसी को दिया गया है। बावजूद इसके आंदोलनकारी नहीं माने और धरने पर बैठे रहे। धरना देने वालों में समिति के अध्यक्ष सोहन सिंह राणा, दुर्गा सिंह, विक्रम सिंह, मानवेंद्र सिंह, मोहन सिंह, रूशना देवी, साका देवी व गोमती देवी आदि शामिल थे।