जाखणीधार ब्लाक के सबसे दूरस्थ कफलना गांव सड़क से नहीं जुड़ पाया है। गांव तक सड़क नहीं होने से ग्रामीण कई किमी पैदल नापने को मजबूर हैं, लेकिन लोनिवि प्रस्तावित सड़क निर्माण आ रही वनभूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं करवा पाया है।
कफलना गांव समेत क्रास, पुलकंड तोक की करीब सात सौ की आबादी को वर्षों बाद भी सड़क सुविधा नसीब नहीं हो पाई है। ग्रामीण तीन से चार किमी की खड़ी चढ़ाई पार कर सड़क तक पहुंचने को मजबूर हैं। ग्रामीण लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं। बावजूद सड़क निर्माण पर आ रही वनभूमि के चलते कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। वर्ष 2010 से वनभूमि हस्तांतरण की कवायद चल रही है, लेकिन वन विभाग की एनओसी नहीं मिल पा रही है। कफलना के प्रधान रमेश सिंह पंवार, क्षेत्र पंचायत सदस्य जितेंद्र कुमार, धीरज लाल आदि ने बताया कि सड़क नहीं होने से ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। इस संबंध में विधायक धन सिंह नेगी ने कहा कि पूर्व में जिस स्थान से सड़क प्रस्तावित थी, वहां चीड़ और बांज के पेड़ अधिक होने के कारण एनओसी नहीं मिल पाई है। अब रोडधार से कफलना तक सड़क प्रस्तावित की गई है। लोनिवि को प्रस्तावित सड़क का सर्वे कर डीपीआर शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।