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Tehri News: 26 साल बाद अब गढ़वाल विवि के नाम हस्तांतरित होगी भूमि

Tue, 30 Jul 2024 04:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
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चंबा (टिहरी)। बादशाहीथौल में हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विवि के स्वामी रामतीर्थ परिसर की स्थापना के 26 साल बाद अब टिहरी जल विकास निगम, टिहरी बांध परियोजना की भूमि और भवन विवि के नाम हस्तांतरण करने की कवायद शुरू हो गई है, जिसके बाद विवि परिसर बादशाहीथौल में विज्ञान भवन और प्रयोगशाला निर्माण शुरू होने की उम्मीद जगी है। केंद्र सरकार की ओर से गत वर्ष विज्ञान भवन और प्रयोगशाला निर्माण के लिए 50 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन भूमि विवि के नाम नहीं होने के कारण निर्माण कार्य अधर में लटका था।
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पुरानी टिहरी डूबने के दौरान एचएनबी गढ़वाल विवि के स्वामी रामतीर्थ परिसर को 1998 में बादशाहीथौल में शिफ्ट किया गाय था। 7.5 हेक्टेयर भूमि पर टिहरी जल विकास निगम और टिहरी बांध परियोजना ने बादशाहीथौल में विवि का परिसर बनाया था। वर्तमान समय में यहां पर 100 छात्रों का छात्रावास, शिक्षकों के आवास, पुस्तकालय, खेल मैदान और लगभग 300 छात्र-छात्राएं अध्यनरत है।
गत वर्ष केंद्र सरकार की ओर से परिसर में विज्ञान भवन और प्रयोगशाला निर्माण के लिए 50 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई थी। भवन निर्माण शुरू होने पर जिला विकास प्राधिकरण की ओर से विवि प्रशासन से भूमि का रिकार्ड और मानचित्र मांगा गया। तब विवि प्रशासन के संज्ञान में आया कि बादशाहीथौल परिसर की भूमि टिहरी जल विकास निगम, टिहरी बांध परियोजना से विवि के नाम हस्तांतरित नहीं हो पाई है।
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परिसर निदेशक प्रो. एए बौड़ार्ई की ओर से टीएचडीसी के निदेशक एलपी जोशी और शासन को पत्राचार किया गया। टीएचडीसी की ओर से भूमि और भवन की एनओसी विवि को दी गई। अब प्रदेश सरकार के संयुक्त सचिव बीएस बोरा की ओर से 29 जुलाई को टिहरी डीएम को प्रेषित पत्र में टिहरी जल विकास निगम, टिहरी बांध परियोजना की भूमि विवि के नाम हस्तांतरित करने को कहा गया है।
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