नगर पंचायत चंबा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की सख्ती के बावजूद खुले में कूड़ा जलाकर शुद्ध हवा को जहरीला बना रहा है। सोमवार सुबह कूड़ादान में लगी भीषण आग को 12 घंटे बाद भी नहीं बुझाया जा सका। फायर ब्रिगेड वाहन आग बुझाने पहुंचा, लेकिन वाहन में पानी कम होने के चलते आग बूझाने में कामयाबी नहीं मिल पाई।
नगर क्षेत्र के कूड़े को ठिकाना लगाने के लिए नगर पंचायत ने उत्तरकाशी राजमार्ग पर घनी आबादी के बीच खुले में एक कूड़ादान बनाया है। सोमवार सुबह तीन-चार बजे से कूड़ादान में भीषण आग लगने से देखते ही देखते कई टन जैविक और अजैविक कूड़ा जलने से नगर में चारों तरफ जहरीला धुआं फैल गया।
मार्ग पर धुएं का गुबार उठने से वहां से गुजर रहे लोगों को स्कूली बच्चों को नाक बंद कर किसी तरह आवागमन करना पड़ा। धुआं निकलता देख नगर पंचायत के कर्मी आग बुझाने के नाम पर हीलाहवाली करते रहे। घंटों तक छोटी-छोटी पानी की बाल्टियों और झाडू से आग बुझाने का ड्रामा किया गया।
इसके बाद सुबह सवा नौ बजे फायर ब्रिगेड की गाड़ी आग बुझाने पहुंची, मगर आग पर काबू नहीं पाया जा सका। थोड़ी देर बाद दूसरी गाड़ी ने भी आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन पानी खत्म होने पर दोनों गाड़ियां लौट गई।
नगरवासी शकुंतला देवी, सावित्री देवी, रमोश्वरी देवी ने नगर पंचायत की लचर कार्य प्रणाली पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। चेतावनी देते हुए कहा कि अब शासन-प्रशासन ने उनकी न सुनी तो उन्हें मजबूरन कोर्ट की शरण लेनी पड़ेगी। राजेश राणा, अजय रावत, विजय सिंह, सुनील कुमार ने कूड़ा निस्तारण के लिए नगर पंचायत से ट्रेचिंग ग्राउंड निर्माण करने की मांग की है।
कूड़े में आग लगाने के मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस में तहरीर दी जा रही है। बीती रात में शरारती तत्वों ने कूड़े में आग लगाई है।
-विक्रम पंवार, अध्यक्ष नगर पंचायत चंबा