टिहरी झील साहसिक पर्यटन महोत्सव जलक्रीड़ा प्रतियोगिता और पैराग्लाइडिंग के साहसिक प्रदर्शन के साथ संपन्न हो गया। देश-विदेश से आए खिलाड़ियों को पर्यटन एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री दिनेश धनै ने पुरस्कृत किया।
उन्होंने कहा कि गोवा के बाद टिहरी झील वाटर, लैंड और एरो स्पोर्ट्स के लिए बेहतर स्थान साबित होगा। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वाटर स्पोर्ट्स (एनआईडब्ल्यूएस) के सहयोग से साहसिक खेल एकेडमी को जल्द शुरू कर यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार किए जा सकेंगे।
महोत्सव के समापन पर पर्यटन विभाग की डिप्टी डायरेक्टर पूनम चंद ने बताया कि टिहरी झील वाटर, एरो और लैंड स्पोर्ट्स के लिए दुनियां में बेहतर जगह है। टिहरी झील की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बन रही है, जिसका परिणाम है कि महोत्सव में सात देश और 11 राज्यों के 250 खिलाड़ी पहुंचे।
इस मौके पर चंबा ब्लॉक प्रमुख आनंदी नेगी, योगेशपाल, सीडीओ आशीष भटगाईं, उत्तराखंड राफ्टिंग एसोसिएशन के सचिव मनोज रावत, सुरेंद्र नेगी, आरके जोशी, शिव सिंह नेगी, एसडीएम सीएस चौहान, दीपेंद्र नेगी, पर्यटन अधिकारी सोबत सिंह राणा, जसपाल चौहान, प्रदीप नेगी, गोविंद बिष्ट, सतीश बहुगुणा, देवेंद्र दुमोगा, बलवीर नेगी, सतीश उनियाल, रघुभाई जड़धारी, सीमा शर्मा, डीएसओ किशन सिंह भंडारी आदि मौजूद थे।
क्याकिंग प्रतियोगिता में सोनिया रहीं प्रथम
वाटर स्पोर्ट्स में क्याकिंग महिला वर्ग की 500 मीटर एकल वर्ग में हरिद्वार की सोनिया राणा प्रथम, देहरादून की परमदीप कौर द्वितीय और ऊधमसिंहनगर की किरन दीप कौर तृतीय रही। बालक वर्ग में बागेश्वर के सोनू पहले, उत्तराखंड पुलिस के दलजीत दूसरे और रुड़की वाटर क्लब राधेश्याम तीसरे स्थान पर रहे।
क्याकिंग 500 मीटर पुरुष युगल वर्ग में बागेश्वर के नितिन कुमार और सोनू प्रथम, उत्तराखंड पुलिस के दिनेश सकलानी और नितेश पंवार द्वितीय, हरिद्वार के रोहित कुमार और सलमान अब्बासी तृतीय रहे। कैनोइंग-टू पुरुष वर्ग में आर्यन चौधरी और अमित प्रथम, विशाल व बादल कुमार द्वितीय, अजयपाल व कर्णपाल सिंह तृतीय रहे।
कैनोइंग प्रथम पुरुष वर्ग 500 मीटर में रविकांत सिंह प्रथम, बालम कुमार द्वितीय और अजयवीर तृतीय रहे। क्याकिंग प्रथम बालिका वर्ग 200 मीटर में हरिद्वार की सोनिया राणा प्रथम, ऊधमसिंहनगर की किरनदीप कौर द्वितीय और नैनीताल की इंद्रजीत कौर तृतीय रही। पुरुष वर्ग में उत्तराखंड पुरुष के दलजीत सिंह प्रथम, रुड़की के राधेश्याम द्वितीय और बागेश्वर के सोनू तृतीय रहे।
पैराग्लाइडरों को भाई टिहरी
पैराग्लाइडरों को टिहरी भा गई है। इंग्लैंड, स्विट्जरलैंड, आस्ट्रीया, जर्मन, नीदरलैंड, बेल्जियम, ऑस्ट्रेलिया और 11 राज्यों के 41 पाइलेटों ने प्रतापनगर की पहाड़ी और कुठ्ठा से उड़ान भरी। खिलाड़ियों ने बताया कि टिहरी पैराग्लाइडिंग के लिए बेहतर स्थान है।
पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के सचिव शंकर सिंह ने बताया कि वह 20 साल से उड़ान भर रहे हैं, अब तक टिहरी सबसे बेहतर जगह मिली। कई खिलाड़ी जहां तीन घंटे तक हवा में उड़ते रहे, वहीं कईयों ने 20 मिनट में लैंड किया। बीएसफ के एसआई व मोटर पैराग्लाइडर अजय सिंह ने कहा कि लैंडिंग के लिए खाली स्पेस बढ़ाने की जरूरत है। पहली बार टिहरी आकर अच्छा लगा है।