जच्चा-बच्चा की मौत के लिए जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ 20 दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने पर परिजनों ने खासी नाराजगी जताई है। उन्होंने डीएम से मुलाकात कर दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं होने पर कलेक्ट्रेट परिसर में अनशन की चेतावनी दी है।
थौलधार ब्लॉक के ग्राम कुनेर निवासी गुड्डी देवी पत्नी गजेंद्र को दो जून को प्रसव पीड़ा होने पर चंबा में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी हालत नाजुक देख चिकित्सकों ने उसे जिला चिकित्सालय बौराड़ी रेफर कर दिया था।
वहां भी चिकित्सकों ने हाथ खड़े कर प्रसूता को चंबा के निजी अस्पताल रेफर कर दिया। वहां पहुंची प्रसूता ने कुछ देर बाद मरे हुए बच्चे को जन्म दिया, जिससे उसे काफी रक्तस्राव हो गया। लेकिन चिकित्सक ब्लीडिंग रोकने में नाकाम साबित हुए हैं, जिससे कुछ देर बाद ही प्रसूता ने दम तोड़ दिया था।
मामले का संज्ञान लेकर डीएम ने इसकी जांच भी कराई है। बावजूद अभी तक किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। बुधवार को उन्होंने डीएम से मुलाकात कर कहा कि एक सप्ताह के भीतर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन शुरू किया जाएगा। मिलने वालों में बसपा के प्रदेश सचिव सुशील पांडेय, दिनेश कोहली, गजेंद्र, पवन कुमार आदि शामिल थे।