नगर क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण को चिह्नित करने की पुनर्वास विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। 12 फरवरी तक पुनर्वास विभाग जिला प्रशासन को अपनी रिपोर्ट सौंप देगा। विभाग की ओर से अब तक 20 स्थानों पर अवैध अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं। कई स्थानों पर तो रसूकदारों ने बिना नक्शा पास के ही आलीशान भवन, दुकान और होटल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन की ओर से अब तक 140 अवैध अतिक्रमणकारियों को सार्वजनिक स्थानों से अतिक्रमण हटाने के नोटिस जारी किए गए हैं। 16 फरवरी से जिला प्रशासन ने पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है।
नई टिहरी से लेकर कोटीकालोनी तक लगातार अतिक्रमण का ग्राफ बढ़ता जा रहा था। समय-समय पर अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन ने कार्रवाई भी की, लेकिन शासन में बैठे जिम्मेदार जन प्रतिनिधियों के दबाव में प्रशासन को अतिक्रमण हटाओ अभियान को बीच में ही रोकना पड़ा था।
दिनों-दिन बढ़ते अतिक्रमण से अब नगर क्षेत्र का हर वर्ग प्रभावित हो रहा है। सार्वजनिक स्थानों, खाली पड़ी भूमि और पार्किंगों के नीचे अतिक्रमण के बाद सभी लोग जिला प्रशासन से अतिक्रमण की मांग कर रहे थे।'
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ज्योति नीरज खैरवाल ने पिछले सप्ताह पुनर्वास, लोनिवि, पालिका के अधिकारियों की आपात बैठक बुलाकर अतिक्रमण चिह्नित करने की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों को दी थी।
140 सार्वजनिक स्थानों पर अवैध अतिक्रमण चिह्नित कर बीते दिन उन्हें अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी कर दिया गया है। अब पुनर्वास विभाग ने भी नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है। एसडीएम सदर बृजेश कुमार तिवारी ने बताया कि 16 फरवरी से अवैध अतिक्रमण को तोड़ने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है।