नई टिहरी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रिंकी साहनी की अदालत ने महिला की लज्जा भंग करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में पंजीकृत अभियोग के आरोपी को दोष मुक्त करार दिया है।
अभियोजन की ओर से बताया गया कि वादी ने कैंपटी थाने को दी तहरीर में बताया था कि वह होटल में मैनेजर है। 31 मई 2025 को उसके होटल में एक अपनी भतीजी के साथ रहने आया था। कमरा देने के कुछ देर बाद अंदर से आवाज आने लगी। शोर सुनते हुए सारा स्टाफ उस कमरे की तरफ गए। वह व्यक्ति अपनी भतीजी के साथ मारपीट कर रहा था। उन्होंने उसे रोकने की कोशिश की तो उसने मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी।
उसके बाद उन्होंने 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। तहरीर के आधार पर बीएनएस की विभिन्न धाराओं में आरोपी के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कर जांच के बाद आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया गया। बहस के दौरान आरोपी ने अभियोजन की ओर से दिए गए साक्ष्यों को झूठा करार देते हुए कहा कि उसकी वादिनी के साथ होटल की सर्विस को लेकर बहस हो गई थी। होटल स्टाफ होने के कारण झूठी गवाही दी गई। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी को दोष मुक्त कर दिया।