सिविल जज सीनियर डिविजन की अदालत ने चेक बाउंस होने पर आरोपी को एक साल की सजा और साढ़े तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माने की राशि नहीं देने पर अभियुक्त को तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
बौराड़ी निवासी रुकसाना ने सिविल जज सीनियर डिविजन की अदालत में वाद दायर करते हुए बताया था कि वर्ष 2012 में अनवार पुत्र रज्जूद्दीन निवासी सम्मीवाला बिजनौर यूपी ने उनसे तीन लाख उधार लिए थे। वर्ष 2013 में तीन लाख का चेक दिया था, लेकिन उनका दिया गया चेक बाउंस हो गया। कई बार कहने पर भी उसने दी गई रकम नहीं लौटाई है। वाद दायर होने पर आरोपी हाईकोर्ट तक गया, लेकिन हर जगह से निराशा हाथ लगने पर मामला सिविज जज सीनियर डिविजन के पास हस्तांतरित किया गया। वादी के अधिवक्ता जयवीर रावत ने वादी का पक्ष रखते हुए कई साक्ष्य प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सोमवार को सिविल जज सीनियर डिविजन संदीप कुमार शर्मा की अदालत ने अनवार पर साढ़े तीन लाख रुपये का जुर्माना और एक साल कैद की सजा सुनाई है।