अभियुक्त के खिलाफ 2022 में देवप्रयाग थाने में दर्ज कराई गई थी प्राथमिकी
नई टिहरी। विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने एससी/एसटी एक्ट सहित विभिन्न आरोपों में नामजद आरोपी को दोषमुक्त किया है।
मुरादाबाद निवासी विजयपाल सिंह निवासी ग्राम सेरुआ मुरादाबाद ने पांच अगस्त 2022 को देवप्रयाग थाने में दी तहरीर में बताया था कि उसकी बहन का प्रेम विवाह राहुल सैनी निवासी सेरुआ चौराहे के साथ हुआ है। इस दौरान प्रियंका गर्भवती हो गई। कुछ दिन बाद राहुल प्रियंका से पीछा छुड़ाने के लिए बच्चा गिराने की बात करने लगा और दहेज के लिए दबाव बनाने लगा। इस पर उसके खिलाफ मुरादाबाद में मुकदमा दर्ज कराया गया।
उसके बाद से राहुल सैनी प्रियंका को मारने का षडयंत्र रचने लगा। राहुल के घरवाले भी प्रियंका को परेशान करने लगे और जाती सूचक शब्द कहकर मारपीट करने लगे। इस दौरान राहुल उसे बहला-फुसलाकर केदारनाथ ले गया। दो अगस्त 2022 को वापस आते समय सौड़पानी के पास राहुल सैनी ने प्रियंका को पहाड़ी से धक्का देकर खाई में फेंक दिया जिससे उसकी मौत हो गई।
तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच-पड़ताल के बाद चार्ज सीट न्यायालय में प्रस्तुत की। विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट)/ जिला एवं सत्र न्यायाधीश नितिन शर्मा की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि विवेचना के आधार पर न्यायालय का निष्कर्ष है कि अभियोजन पक्ष अभियुक्त राहुल सैनी पर लगाए गए आरोप साबित करने में सफल नहीं रहा है जिससे अभियुक्त को एससी/एसटी एक्ट के अपराध के आरोप से दोषमुक्त किया जाता है।