लचर स्वास्थ्य सेवाओं पर जताया आक्रोश, 26वें दिन भी ग्रामीणों का आंदोलन जारी
दो माह के भीतर तीन गर्भवती महिलाओं की मौत पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
घनसाली (टिहरी)। भिलंगना ब्लॉक क्षेत्र की लचर स्वास्थ्य सेवाओं और दो माह के भीतर तीन गर्भवती महिलाओं की मौत से लोगों में शासन-प्रशासन के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है। आधी-अधूरी स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने से क्षुब्ध लोगों ने बुधवार को घनसाली स्वास्थ्य जन संघर्ष मोर्चा के बैनरतले पीएचसी पिलखी धरना स्थल से जिलाधिकारी कार्यालय नई टिहरी तक करीब 65 किमी लंबी ‘डॉक्टर दो न्याय दो’ पदयात्रा शुरू कर दी है।
घनसाली स्वास्थ्य जन संघर्ष मोर्चा से जुड़े लोग बीते 25 अक्तूबर से लगातार धरना-प्रदर्शन कर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने की मांग उठाते आ रहे हैं। पिलखी और घनसाली दोनों स्थानों पर 26वें दिन भी लोग धरने पर डटे रहे। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में सुधार नहीं होगा। उनका संघर्ष जारी रहेगा।
मोर्चा से जुड़े लोगों ने आरोप लगाया कि भिलंगना ब्लॉक क्षेत्र की अनीशा रावत, रवीना कठैत, पूरब सिंह व नीतू पंवार की मौत पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में हुई। उन्होंने मौतों की उच्च स्तरीय जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई करने और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि भिलंगना क्षेत्र में स्वास्थ्य ढांचा बेहद कमजोर है। पिलखी और बेलेश्वर अस्पताल में डॉक्टरों के कई पद रिक्त चल रहे हैं। अल्ट्रासाउंड सुविधा नहीं होने से आपात स्थिति में मरीजों को 40–60 किमी दूर जाना पड़ता है जहां तक पहुंचने में ही कई बार जान चली जाती है। स्वास्थ्य विभाग और सरकार फाइलों में अस्पतालों में सुधार होने का दावा कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। पदयात्रा में जिला पंचायत सदस्य विक्रम घणाता, संदीप आर्य, अनुज शाह, अजय कंसवाल, विनोद चौधरी, सुनीता रावत, शांति श्रीवाण, शांति लाल शाह, पुरुषोत्तम, देव सिंह चौधरी शामिल है।
घनसाली के पिलखी से डीएम कार्यालय नई टिहरी तक डॉक्टर दो न्याय दो पद यात्रा निकालते। स्रोत जागरूक