नई टिहरी। विस्थापन की मांग को लेकर आंदोलनरत ग्रामीणों ने पुनर्वास निदेशालय के लिखित आश्वासन पर धरना और चक्का जाम स्थगित कर दिया है। मंगलवार दोपहर मौके पर पहुंचे अधिकारियों के साथ हुई वार्ता में 15 जनवरी तक गांव का सर्वे कराने का लिखित आश्वासन मिलने पर ग्रामीणों ने जाम खोल दिया।
कोटेश्वर बांध की झील के कारण पयालगांव, डोभालगांव, बंडरिया, सिरोली और गैरोगी में जमीन धंसने से ग्रामीणों के मकान जर्जर स्थिति में पहुंच गए हैं। इससे गुस्साए लोगों ने सोमवार को जीरोब्रिज-कोटेश्वर मोटर मार्ग पर बेमियादी चक्का जाम कर धरना शुरू किया था। मंगलवार दोपहर पुनर्वास के प्रभारी अधिकारी डीके सिंह, कोटेश्वर बांध परियोजना के अपर महाप्रबंधक एके श्रीवास्तव धरनास्थल पहुंचे। वार्ता में 15 जनवरी तक जीएसआई से क्षेत्र का सर्वे कराने और रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कार्रवाई करने का आश्वासन मिलने पर ग्रामीणों ने चक्का जाम और धरना स्थगित कर दिया। वार्ता में प्रधान उम्मेद सिंह सजवाण, जोत सिंह सजवाण, सुंदर सिंह, हंस लाल सजवाण, मदन सजवाण और गोविंद सिंह आदि शामिल थे।