नई टिहरी। सरकार स्कूलों का राजनीतिक दबाव में उच्चीकरण तो कर रही है, लेकिन सुविधाएं नहीं देने से यहां पढ़ने वाले छात्रों को भविष्य चौपट हो रहा है। ढुंगमंदार क्षेत्र के चार इंटर कालेज शिक्षक, प्रधानाचार्य, भवन, प्रयोगशाला और फर्नीचर की समस्याओं से जूझ रहे हैं।
ढुंगमंदार पट्टी के उच्चतर माध्यमिक स्कूल कोपड़धार का इंटरमीडिएट में उच्चीकरण हुआ है, लेकिन स्कूल में शिक्षक, प्रधानाचार्य, कार्यालय स्टाफ एवं कक्ष-कक्षा देना शिक्षा विभाग भूल गया है। इस सत्र से स्कूल में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अब तक 40 छात्र-छात्राओं ने कक्षा 11 में प्रवेश ले लिया है। बावजूद हाईस्कूल में कार्यरत शिक्षकों के भरोसे ही कक्षाएं छोड़ दी है, जबकि क्षेत्र के जीआईसी चंद्रेश्वरसैण में हिंदी, गणित, इतिहास, अर्थशास्त्र, जीव विज्ञान प्रवक्ता और एलटी में विज्ञान, भाषा के पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। वर्ष 2008 में उच्चीकृत इंटर कालेज ढुंग राजनीति, गणित, हिंदी और अंग्रेजी प्रवक्ता का पद खाली है। एलटी में भी विज्ञान एवं संस्कृत का शिक्षक नहीं है। इंटर कालेज समेंडीधार में रसायन विज्ञान, भूगोल व अर्थशास्त्र के प्रवक्ता वर्षों से नहीं हैं, जबकि भाषा, अंग्रेजी, संस्कृत, विज्ञान सहित आठ एलटी शिक्षकों के पद खाली हैं। स्कूल में 470 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। साथ ही कनिष्ठ लिपिक एवं प्रशासनिक अधिकारी नहीं होने से शिक्षकों के वेतन जारी सहित अन्य परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। चंद्रेश्वरसैण, समेंड़ीधार और ढुंग में स्कूल खुलने के बाद से ही प्रधानाचार्य का पद रिक्त है।
शिक्षकों की तैनाती के लिए शासन को मांग भेजी गई है। कोपड़धार में जल्द वैकल्पिक व्यवस्था पर प्रवक्ताओं की तैनाती की जाएगी।
-दिनेश चंद्र गौड़, मुख्य शिक्षा अधिकारी।