नई टिहरी। पर्यटन विभाग की आधी-अधूरी तैयारियों से टिहरी बांध की झील में साहसिक जल क्रीड़ा लाइसेंस लेने के इच्छुक लोगों को झटका लगा है। लोग दूर-दराज से आवेदन लेने के लिए जिला पर्यटन कार्यालय पहुंच रहे हैं, लेकिन अभी तक आवेदन का प्रारूप भी तैयार नहीं किया गया है। ऐसे में लोगों को बैरंग लौटना पड़ रहा है।
टिहरी बांध की झील में साहसिक क्रीड़ा शुरू होने का स्थानीय लोगों को लंबे समय से इंतजार है। झील में साहसिक जलक्रीड़ा लाइसेंस के लिए पर्यटन विभाग ने 12 अक्तूबर को टेंडर जारी किया था। 13 अक्तूबर से आवेदन पत्रों की बिक्री शुरू होनी थी, लेकिन दूसरे दिन भी लोगों को आवेदन नहीं मिल पाए। हरिद्वार पत्थरी से मंगलवार को पूरन सिंह राणा, बलवंत पंवार, कुलदीप सिंह राणा और नई टिहरी से अनुराग पंत आवेदन लेने जिला पर्यटन कार्यालय बौराड़ी पहुंचे, लेकिन पर्यटन कार्यालय से उन्हें बैरंग लौटना पड़ा। कर्मियाें ने बताया कि आवेदन मिलने की प्रक्रिया में तीन-चार दिन का और वक्त लगेगा।
टिहरी बांध की झील में साहसिक जल क्रीड़ा शुरू कराने को लेकर सोमवार को देहरादून में बैठक हुई है। नियमावली का परीक्षण किया गया। इसलिए आवेदन में कुछ विलंब हुआ है। दो-तीन दिन में आवेदन पत्रों की बिक्री शुरू कर दी जाएगी।
-जसपाल सिंह चौहान, जिला पर्यटन अधिकारी टिहरी
पर्यटन विभाग को जल्दबाजी में इस तरह की आधी-अधूरी सूचना प्रकाशित नहीं करनी चाहिए थी। आवेदन पत्र ऑन लाइन कर देने चाहिए, ताकि लोग आवेदन पत्र नेट से डाउन लोडकर उसे शुल्क सहित पर्यटन कार्यालय में जमा कर सके। आवेदन पत्रों की बिक्री में राजनीति खींचतान पूरी तरह से बंद होनी चाहिए।
-महिपाल सिंह नेगी, संरक्षक भूमिधर विस्थापित संगठन टिहरी