घनसाली (टिहरी)। एक व्यापारी के उपचार में लापरवाही बरतने से उसकी मौत हो गई। इससे गुस्साए व्यापारियों ने शनिवार को यहां एक निजी क्लीनिक पर प्रदर्शन कर डाक्टर का घेराव किया। हालांकि बाद में पुलिस के हस्तक्षेप के बाद किसी तरह मामला शांत हुआ। व्यापारियों ने सीएमओ से डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही ऐसा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। लोगों ने आरोप लगाया कि डाक्टर रोगी और तीमारदारों से अभद्रता करते हैं।
सब्जी व्यापारी शाहिद (38) के सीने में शुक्रवार शाम पांच बजे तेज दर्द हुआ। व्यापारी उसे एक निजी क्लीनिक पर ले गए। लोगों का आरोप है कि डाक्टर ने काफी देर तक मरीज की तरफ देखा तक नहीं। कई बार अनुरोध करने के बाद जब डाक्टर ने उसे इंजेक्शन दिया, तो उसकी स्थिति ओर बिगड़ गई। तब डाक्टर ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिलखी रेफर कर दिया। पिलखी चिकित्सालय पहुंचने तक शाम करीब 6.30 बजे व्यापारी की मौत हो गई। लोगों का आरोप है कि डाक्टर ने उसके उपचार में लापरवाही बरती है, जिससे उसकी हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। यदि समय से उसे उपचार मिल जाता, तो शायद उसकी जान बच सकती थी। व्यापारियों ने डाक्टर के खिलाफ शनिवार को उसके क्लीनिक पर प्रदर्शन किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया तब जाकर वे शांत हुए। वहीं डा. एमके शर्मा का कहना है कि अटैक पड़ने से मरीज की मौत हुई है। जब लोग मरीज को उसके पास लेकर आए, तो उसकी हालत बहुत खराब थी। तभी इंजेक्शन देकर उन्होंने मरीज को रेफर कर दिया था। प्रदर्शनकारियों में राजेंद्र प्रसाद, दिनेश कुमाईं, प्रेम कंसवाल, ज्योती गैरोला, ओम प्रकाश, राजेंद्र सजवाण, नरेश कुर्माइं, मनोज रमोला, दिनेश उनियाल सहित कई शामिल थे।