दूध में मिल्क फैट की मात्रा निर्धारित मानक से कम मिलने पर न्याय निर्णय अधिकारी/एडीएम की अदालत ने दो दुग्ध सप्लायरों पर 60 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। इनमें मिलन डेरी फूड्स रुद्रपुर (ऊधमसिंह नगर) पर 50 हजार और गाय-भैंस का मिश्रित दूध बेचने वाले मसूरी निवासी सप्लायर पर दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी नरेंद्रनगर ने चेकिंग अभियान के दौरान 9 दिसंबर 2017 को कीर्तिनगर-जाखणी में दुग्ध पदार्थ सप्लायर नमनदीप, निवासी प्रगति विहार ऋषिकेश और राधेश्याम कुकरेती तीनधारा जिला टिहरी के वाहन से पैक्ड दूध का परीक्षण कर सैंपल जांच को राजकीय खाद्य प्रयोगशाला रुद्रपुर भेजा था। 31 अगस्त 2018 को प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट आने पर रिपोर्ट में दूध में मिल्क फैट 6.0 प्रतिशत के सापेक्ष 4.63 प्रतिशत पाया गया, जो निर्धारित मानक के अनुरूप नहीं था। कोर्ट में हुई सुनवाई में नमनदीप ने बताया कि उसने मिलन डेरी कंपनी से यह दूध खरीदा है। मिलन डेरी फूड्स कंपनी के निदेशक ने भी स्वीकार किया कि दूध में मिल्क फैट कम था। भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति नहीं होगी।
न्याय निर्णय अधिकारी/एडीएम शिवचरण द्विवेदी ने सभी पक्षों को सुनने के बाद मिलन डेरी फूड्स रुद्रपुर (ऊधमसिंह नगर) पर 50 हजार का अर्थदंड लगाया। दूसरे मामले में 17 अक्तूबर 2017 को खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने धनोल्टी में राकेश सिंह रावत निवासी लंढौर मसूरी के दुग्ध वाहन की चेकिंग की। वाहन में गाय और भैंस का मिश्रित दूध बर्तनों में रखा हुआ था। दूध का परीक्षण कर सैंपल की जांच रुद्रपुर प्रयोगशाला से कराई गई। लैब से आई रिपोर्ट में दूध में मिल्क फैट कम पाया गया। मानकों के अनुरूप दूध की बिक्री न करने पर न्याय निर्णय अधिकारी ने राकेश सिंह रावत पर दस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।