होटल मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट को इस शिक्षा सत्र में भी अपना भवन मिलने की उम्मीद नहीं है, जिससे इंस्टीट्यूट प्रबंधन को इस वर्ष भी कक्षाएं हिल्ट्रॉन के भवन में संचालित करने को मजबूर होना पड़ेगा। साथ ही अध्ययनरत छात्रों को छात्रावास के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा।
छात्रावास के निर्माण में अभी डेढ़ साल से अधिक का समय लगेगा। इंस्टीट्यूट में होटल मैनेजमेंट की प्रथम वर्ष के प्रवेश के लिए 60 सीटें स्वीकृत हैं। बावजूद भवन निर्माण नहीं होने से इस सत्र में भी केवल 30 सीटों पर ही प्रवेश हो सकेंगे।
पर्यटन विभाग ने नवंबर 2014 में जिला मुख्यालय में राज्य स्तरीय होटल मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट स्वीकृत किया था, जिसकी प्रथम वर्ष की कक्षाएं वैकल्पिक व्यवस्था पर हिल्ट्रॉन के खाली पड़े भवन में सितंबर 2015 से शुरू हुई थी।
सरकार ने होटल मैनेजमेंट संस्थान के भवन एवं छात्रावास निर्माण के लिए 11 करोड़ स्वीकृत किया था, जिससे नगर के एल ब्लॉक में भवन निर्माण किया जा रहा है। लेकिन कार्यदायी संस्था निर्माण निगम की धीमी गति के चलते अभी तक प्रशासनिक एवं कक्ष-कक्षा भी तैयार नहीं हो पाया है।
ऐसे में जुलाई से शुरू होने वाले मैनेजमेंट के शिक्षा सत्र में अपना भवन मिलने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है। इसका सीधा असर छात्रों के प्रवेश पर पड़ सकता है। वर्तमान में इंस्टीट्यूट में मैनेजमेंट के प्रथम वर्ष के लिए स्वीकृत 60 सीटों के सापेक्ष केवल 23 छात्र-छात्राएं ही अध्ययनरत हैं, जबकि प्रबंधन इस वर्ष भी भवन निर्माण की उम्मीद में 60 सीटों पर प्रवेश की तैयारी में था। बावजूद भवन नहीं बनने से अब 30 सीटों पर ही छात्रों को प्रवेश देगा, जबकि छात्रावास का निर्माण शुरू नहीं होने से छात्रों को अभी भी महंगे दामों पर प्राइवेट कमरों का सहारा लेना पड़ेगा।
कार्यदायी संस्था को सितंबर तक भवन निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इस दिशा में काम भी तेजी से हो रहा है। उम्मीद है कि समय पर निर्माण पूरा हो जाएगा।
-सोबत सिंह राणा, जिला पर्यटन विकास अधिकारी।
इस सत्र में भवन तैयार हो जाता है, तो स्वीकृत 60 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। यदि भवन तैयार नहीं होता है, तो केवल 30 सीटों पर ही प्रवेश होंगे। हालांकि भवन निर्माण 80 फीसदी हो चुका है।
-यशपाल सिंह नेगी, प्रभारी निदेशक होटल मैनेजमेंट।