टिहरी झील में बिना लाइसेंस या इनके रिन्युअल के बिना चल रही 20 बोटों और 8 जेटस्की का संचालन बंद करा दिया गया है। झील में लंबे समय से 19 बोटें बिना लाइसेंस, 20 बोटें चार माह से बगैर लाइसेंस नवीनीकरण के चल रही थीं।
कई बोटों का बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र, सर्वेयर से फिटनेस सर्टिफिकेट भी नहीं है, जबकि बोट चालक भी बिना प्रशिक्षण प्रमाणपत्र के बोटों का संचालन कर रहे थे। अमर उजाला ने 27 अप्रैल के अंक में बिना लाइसेंस के बोट संचालन की खबर प्रकाशित की थी, जिसका संज्ञान लेते हुए तत्कालीन डीएम इंदुधर बौड़ाई के निर्देश पर एसडीएम टिहरी और टाडा के एसीईओ चतर सिंह चौहान ने बोटों का सत्यापन करवाकर संचालकों के खिलाफ कार्यवाही शुरू की है।
उन्होंने 20 बोटों और आठ जेटस्की के संचालन पर रोक लगाते हुए संबंधित के खिलाफ नोटिस जारी कर प्रमाणपत्र सत्यापन करवाने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम सीएस चौहान ने बताया कि जब तक बोट संचालक विधिवत रूप से लाइसेंस, बीमा, फिटनेस प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं करवाते, बोटों का संचालन शुरू नहीं होने दिया जाएगा।