नई टिहरी। जिले में आधार कार्ड न बनने और आधार कार्ड में संशोधन न होने से आम आदमी को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों से प्रवेश, पेंशन योजनाओं, पैन कार्ड, छात्रवृत्ति से लेकर विभिन्न प्रमाणपत्रों को बनाने के लिए आधार कार्ड मांगा जा रहा है, लेकिन आधार कार्ड न बनने से लोगों को परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।
पूर्व में सरकार ने निजी कंप्यूटर सेंटरों, सीएससी केंद्रों में आधार कार्ड बनाने और अपडेट के लिए सुविधा दी थी, लेकिन बाद में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने यह सुविधा केवल पंजीकृत सरकारी संस्थानों में कराने के निर्देश दिए। शुरूआती दौर में जिला मुख्यालय के कई बैंकों में आधार कार्ड बनाने की सुविधा थे, लेकिन दो माह से मुख्यालय के किसी भी बैंक में आधार कार्ड नहीं बन रहे हैं। सरकार ने मुख्य डाकघर नई टिहरी, डाकघर हिंडोलाखाल, गजा, नरेंद्रनगर, मुनिकीरेती, घनसाली, चंबा से लेकर जिले के प्रत्येक बीईओ कार्यालय और समाज कल्याण विभाग को एक-एक मशीन आधार कार्ड बनाने और अपडेट करने को दी थी, लेकिन अधिकांश स्थानों पर मशीनें शो फीस बनी हुई है। डाकघर सप्ताह में शुक्रवार को नए आधार कार्ड और शनिवार को संशोधन कर कार्य कर रहे हैं, जबकि बीईओ कार्यालय और समाज कल्याण में आधार बन ही नहीं रहे हैं। ग्रामीण देवी सिंह, राजेंद्र प्रसाद, श्याम लाल शाह, आनंद सिंह आदि का कहना है कि प्रशासन को चाहिए कि ब्लॉक और तहसील में आधार कार्ड बनाने के लिए मशीनें लगाए। सीईओ डीसी गौड़ का कहना है कि स्कूलों की छुट्टियां होने से शिक्षक भी गर्मी की छुट्टी पर है, जिससे आधार कार्ड नहीं बन रहे हैं। जुलाई में स्कूल खुलने पर आधार कार्ड बनाने का काम शुरू होगा। ई-डिस्ट्रिक मैनेजर हरेंद्र शर्मा का कहना है कि पूर्व में बैंकों में आधार कार्ड बन रहे थे, लेकिन कार्य करने वाली फर्म और उनके कर्मियों को भुगतान नहीं किया गया है। पोस्ट आफिसों में आधार बन रहे हैं, लेकिन वहां से भी शिकायतें आ रही है।