आईआईटी कानपुर के छात्रों ने बृहस्पतिवार को इसका डेमो भी दिखाया है। ट्रायल के तौर पर करीब 32 किमी दूर नंदगांव पीएचसी से ड्रोन ब्लड सैंपल लेकर 18 मिनट में जिला अस्पताल पहुंचा। इस मौके पर डा. सुशील, एसटीएस सुरेंद्र थलवाल और मुकेश आदि मौजूद थे। वहीं डीएम सोनिका का कहना है कि कंपनी ने खुद ड्रोन का डेमों दिखाया है। उन्होंने इसे टेली मेडिसिन सेवा से जोड़ने का प्रस्ताव रखा है। सभी पहलुओं की जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
आईआईटी कानपुर से ग्रेज्युएट ड्रोन टीम लीडर निखिल उपाध्याय ने बताया कि यह ड्रोन इंडिया में ही विकसित किया गया है। देश में यह पहली तरह का डेमो जिला अस्पताल बौराड़ी में किया गया है। एक ड्रोन की लागत 10 से 12 लाख है। इसे कहीं भी आसानी से टेक ऑफ और लैंड कराया जा सकता है। उन्होंने बताया कि ड्रोन की हवाई रेंज 50 किमी है। इलैक्ट्रिक पावर से संचालित यह ड्रोन 400 ग्राम तक भार उठा सकता है। इसको संचालित करने के लिए दो लोगों की जरूरत पड़ती है। टीम में सीडी स्पेस रोबोटिक्स कंपनी के लीडर निखिल उपाध्याय, कृष्णराज सिंह गौड़, पियूष नेगी और सर्वेश सोनकर शामिल थे।