नई टिहरी। शहर की वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था के लिए जल संस्थान का मिनी ट्यूबवेल तैयार हो गया है। ट्यूबवेल के पानी को पाइप लाइन से मोलधार स्थित वाटर टैंक से जोड़ा गया है। पंपिंग योजना से जलापूर्ति न होने की स्थिति में ट्यूबवेल से शहर के एक बड़े हिस्से को पानी मिल सकेगा। के ब्लाक में ट्यूबवेल लगाने की योजना सफल रहने से जल संस्थान जल्द ही दो-तीन स्थानों पर भी यह प्रयोग करने की तैयारी में है।
पुरानी टिहरी डूबने के बाद बसाए गए शहर में प्राकृतिक जलस्रोत और नदी न होने के कारण झील से पंपिंग के जरिए जलापूर्ति की जा रही है। एक दशक में शहर की बढ़ती जनसंख्या और पंपिंग योजना का लंबे समय बाद भी पुनर्गठन न होने से पर्याप्त जलापूर्ति नहीं होती है। खासतौर तक गर्मी और बारिश में पंपिंग योजना सबसे ज्यादा प्रभावित रहती है, लेकिन अब जल संस्थान ने पेयजल संकट से निपटने के लिए रास्ता निकाल लिया है। जल संस्थान ने दिसंबर 2018 में शहर के के ब्लाक और बौराड़ी पेट्रोल पंप के समीप ट्यूबवेल लगाने के लिए टेस्टिंग की थी। टेस्टिंग के दौरान दोनों स्थानों पर पर्याप्त पानी पाया गया था। पहले प्रथम चरण में के ब्लाक में मिनी ट्यूबवेल के लिए कार्य शुरू किया गया था। वर्तमान में ट्यूबवेल का कार्य पूर्ण हो चुका है। इस ट्यूबवेल से 600 एलपीएम (लीटर पर मिनट) पानी डिस्चार्ज दर्ज किया जा रहा है। ट्यूबवेल के पानी को पाइप लाइन से मोलधार स्थित वाटर टैंक से जोड़ा गया है। टैंक से बौराड़ी क्षेत्र में पानी की आपूर्ति की जाएगी। जून के प्रथम सप्ताह में स्थानीय विधायक धन सिंह नेगी और डीएम सोनिका इसका शुभारंभ करेंगे।
के ब्लाक में मिनी ट्यूबवेल लगभग बनकर तैयार हो गया है। यहां पर 600 एलपीएम पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया है, जो उम्मीद से ज्यादा है। वैकल्पिक व्यवस्था के लिए अन्य स्थानों पर भी ट्यूबवेल लगाने का प्रयास किया जाएगा।
सतीश चंद्र नौटियाल, ईई जल संस्थान।