नई टिहरी। डा. यूएस रावत को श्रीदेव सुमन विवि का चौथी बार कुलपति बनाया गया है। कुलाधिपति बेबीरानी मौर्य की ओर से डा. रावत को दोबारा नियुक्ति देने का मंगलवार को आदेश जारी कर दिया गया है। कुलपति पद पर उनका तीन साल का कार्यकाल 31 मई को खत्म हो रहा था और इससे पहले ही उन्हें फिर से छह माह के लिए नियुक्ति मिल गई है। कुलपति ने नए शैक्षणिक सत्र में छात्र-छात्राओं को रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की शिक्षा के अलावा ऑन लाइन सुविधाएं देने पर जोर दिया है।
श्रीदेव सुमन विवि 2012 में अस्तित्व में आया था। डा. यूएस रावत को विवि का पहला कुलपति नियुक्ति किया गया था। संसाधनों के अभाव में जूझ रहे विवि को प्राइवेट परीक्षाएं संचालित करने की जिम्मेदारी थी। वर्ष 2017 में प्राइवेट परीक्षाएं बंद होने के बाद गढ़वाल केंद्रीय विवि से संबद्ध राजकीय महाविद्यालयों को डिएफिलेट कर श्रीदेव सुमन विवि से संबद्ध कर गढ़वाल मंडल के सात जिलों में विवि का दायरा बढ़ा दिया गया है। वर्तमान में विवि से 156 राजकीय महाविद्यालय और निजी कॉलेज संबद्ध है।
चौथी बार कुलपति पद पर नियुक्ति मिलने पर डा. रावत ने बताया कि सात साल के कार्यकाल में पहली कार्य परिषद और विद्या परिषद का गठन किया गया। विवि की परिनियमावली और कर्मचारियों की सेवा नियमावली भी तैयार की गई। यूजीसी नियमों के तहत विवि ने अधिकांश विषयों में अपना नया पाठ्यक्रम तैयार करने का काम किया है। पीजी कॉलेज गोपेश्वर को विवि का कैंपस कॉलेज बनाया गया है। पहला दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया।
कुलपति ने कहा कि विवि से डिग्री और डिप्लोमा लेने के बाद छात्र-छात्राओं को रोजगार कैसे मिले नए शिक्षा सत्र में विवि इस पर विशेष फोकस करेगा। इसलिए विवि पर्यटन, इको टूरिज्म, होटल मैनेजमेंट, वाटर स्पोर्ट्स जैसे पाठ्यक्रम शुरू करने जा रहा है। पहली बार विवि प्री-पीएचडी भी सत्र से शुरू करने जा रहा है। विवि में स्थायी कर्मचारियों की तैनाती करने का प्रस्ताव शासन स्तर पर विचाराधीन है।